संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान दो दिनी भारत यात्रा पर हैं। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल भी आया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत में यूएई के विदेश मंत्री का स्वागत करना हमेशा खुशी की बात होती है। इस साल हमारी चौथी बैठक है। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाएगी। इस बीच दोनों के बीच अहम मुलाकात भी हुई।
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने हैदराबाद हाउस में संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक और मुलाकात की। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए यूएई एमओएस रीम अल हाशिमी और विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार को लेकर चर्चा की। इसमें रुपये और दिरहम में व्यापार के मुद्दे पर भी वार्ता की गई। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात में 3.5 मिलियन-मजबूत भारतीय समुदाय से रुपये भेजने के लिए भुगतान मंच के रूप में UPI के उपयोग के बारे में भी वार्ता हुई।
इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाते हुए एक संयुक्त विजन दस्तावेज भी लॉन्च किया। ये संयुक्त विजन डॉक्यूमेंट नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए एक रोडमैप है। इन क्षेत्रों में आईआईटी की स्थापना, ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग, समर्पित फूड कॉरिडोर की फिनटेक स्थापना, स्वास्थ्य सहयोग (अफ्रीका में विकास परियोजनाओं सहित), कौशल, रक्षा निर्यात आदि शामिल हैं।
गौरतलब है कि भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार इस साल 88 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात अब अमेरिका और चीन के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। चालू वित्त वर्ष के लिए 88 बिलियन डॉलर के अनुमानित द्विपक्षीय व्यापार के साथ इस साल अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष के 73 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।
यूएई से 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आया है। इनमें जून 2020 में रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल में 2 अरब डॉलर, अडानी ग्रुप में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए दो अरब डॉलर, टाटा मोटर्स (इलेक्ट्रिक वाहन) में 1 अरब डॉलर और टाटा पावर में 525 डॉलर जैसे कुछ बड़े निवेश शामिल हैं।