संयुक्त राष्ट्र ने भूख की समस्या पर काम करने वाले एक भारतीय युवक को सतत विकास लक्ष्य को पाने वाले समूह के युवा नेतृत्वकर्ताओं में शामिल कर सम्मानित किया है। अंकित क्वात्रा ने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर फीडिंग इंडिया नाम का गैर सरकारी संगठन शुरू किया था। क्वात्रा को उनकी पहल के लिए यूएन युवा नेतृत्व के सतत विकास लक्ष्य के लिए 17 लोगों के प्रारंभिक समूह में चुना गया है। इन युवा नेतृत्वकर्ताओं को यूएन द्वारा 186 देशों के कुल 18 हजार नामांकनों में से चुना गया।
क्वात्रा ने बताया कि दो साल तक वह वैश्विक व्यापार सलाहकार कंपनी के साथ काम करते रहे। एक दिन वह एक सेलिब्रिटी की शादी में गए जहां 10 हजार लोग आमंत्रित थे और उनके लिए 35 से भी ज्यादा व्यंजन परोसे गए थे। उन्हें वहां यह देखकर आश्चर्य और दुख हुआ कि ढेर सारे बचे हुए खानों को सीधे कूड़े में फेंक दिया गया, जिन्हें उसी एक रात लगभग पांच हजार लोगों को खिलाया जा सकता था।
इस घटना के बाद उन्होंने अपना गैर सरकारी संगठन फीडिंग इंडिया शुरू किया। उनका दावा है कि इस समय फीडिंग इंडिया देश के 28 शहरों में दो हजार कार्यकर्ताओं के द्वारा 10 लाख भूखों को खाना खिलाती है।