दो साल पहले आज ही के दिन पुलवामा में हुआ था आतंकी हमला
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14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3.30 बजे जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ के काफिले को विस्फोटक से भरी एसयूवी से निशाना बनाया गया। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए। पूरा देश सदमे में आ गया। जांच के बाद पता चला कि इस हमले को अंजाम महज 20 साल के एक युवक आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। स्वभाव से बेहद शर्मीला आदिल कब इतना खतरनाक हो गया, यह तो उसके घरवालों को भी पता नहीं चला। उन्होंने तो बस इतना कहा कि हमने उसे अच्छा आदमी बनाने के सपने देखे थे, लेकिन वह कब आतंकी बन गया...पता ही नहीं चला।
2018 में जैश के साथ जुड़ा
हमले के कई घंटे के बाद हमलावर के रूप में आदिल की पहचान हो पाई थी। वह पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। जैश ने ऑनलाइन वीडियो जारी करके बताया कि हमलावर आदिल था। इस वीडियो में आदिल कह रहा था कि उसने 2018 में जैश ज्वाइन किया था, जिससे पुलवामा में किसी बड़े हमले को अंजाम दे सके। उसके चेहरे पर दुख या पछतावे का कोई भाव नहीं था। वह कह रहा था कि जब वीडियो सामने आएगा तो वह जन्नत में होगा।
एक साल पहले हो गया था लापता
जांच आगे बढ़ने के साथ साथ आदिल डार के बारे में और जानकारियां सामने आने लगीं। आदिल पुलवामा में ही पला बढ़ा था। अनंतनाग आता-जाता था और छोटे-मोटे काम करता था। उसके पिता ने एक साल पहले यानी मार्च 2018 में उसके लापता होने की जानकारी दी थी। उस वक्त वह 12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
इस वजह से आतंकी बना आदिल
20 साल का आदिल 2016 में एक आतंकी के मारे जाने के बाद सेना के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने लगा। एक बार वह घायल हो गया, जिसके बाद उसके इरादे खूंखार हो उठे। दरअसल, साल 2000 तक घाटी में आतंकी घटनाएं कम होने लगी थीं, लेकिन 2016 में आतंकी सरगना बुरहान वानी के मारे जाने के बाद आतंकी घटनाओं में इजाफा होने लगा। हालांकि, सेना ने भी तेजी से आतंकियों को ढेर किया। 2016 में करीब 150 आतंकी मारे गए, जबकि 2018 में 230 से ज्यादा आतंकियों को ठिकाने लगाया गया।
11 महीने बिस्तर पर था आदिल
बताया जाता है कि बुरहान वानी सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय था और युवाओं के बीच पोस्टर ब्वाय बन गया था। जब वह सेना के साथ मुठभेड़ में मारा गया तो घाटी में प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई। ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन में आदिल भी शामिल हुआ, लेकिन पैर में गोली लगने से करीब 11 महीने बिस्तर पर रहा। घरवालों को लगा था कि इस घटना के बाद वह सुधर जाएगा, लेकिन उसके इरादे और ज्यादा खूंखार हो चले गए।
जैश में शामिल होने के लिए घर से भागा
इस घटना के बाद आदिल पूरी तरह बदल गया। उसका ज्यादातर वक्त नमाज और इंटरनेट पर पढ़ने में बीतने लगा। मार्च 2018 में वह जैश में शामिल होने के लिए घर से भाग गया। कुछ लोग बताते हैं कि अपने एक रिश्तेदार मंजूर की मौत के बाद वह खामोश रहने लगा था। दरअसल, मंजूर एक आतंकी था, जिसे सेना ने 2016 में ढेर किया था।
घरवालों को ऐसे मिली जानकारी
परिवार को हमले में आदिल के शामिल होने का पता तब चला, जब उसके चाचा अब्दुल राशिद डार के पास पुलिस का फोन आया। आदिल ने जो किया था, उसे सुनकर वह सन्न रह गए। उन्हें पता चला कि वकास कमांडो के नाम से आदिल ने इस खौफनाक हमले को अंजाम दिया था।
एयर स्ट्राइक से भारत ने दिया जवाब
इस आतंकी हमले के बाद परमाणु संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की नौबत आ गई थी। हालांकि, दोनों देशों के बीच आमने-सामने का युद्ध तो नहीं हुआ, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पीओके के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला करके पाकिस्तान को सख्त संदेश दे दिया।