जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में यौन उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। नौ छात्राओं ने अपने गाइड प्रो. अतुल जौहरी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार को एक अन्य पीएचडी स्कालर्स ने दो प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत कुलपति और इंटरनल कंप्लेंट कमेटी को भेजी है।
वहीं, कैंपस में दिनभर वापमंथी संगठनों से जुड़े शिक्षकों और छात्रों ने कुलपति के खिलाफ हल्ला बोलते हुए स्कूल व सेंटर में वाइवा रोक दिया। जेएनयू प्रबंधन ने शांति की अपील करते हुए परीक्षाएं बाधित न करने की अपील की है।
आरोप लगाने वाली छात्रा स्कूल ऑफ इंटरनेशन स्टडीज में पीएचडी चौथे वर्ष की है। उसने दो प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
छात्रा ने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के समक्ष 8 जनवरी को इस संबंध में शिकायत दी थी। अब आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ बुधवार को दोबारा ईमेल भेजा है।
मीडिया के सामने आई नौ छात्राएं
प्रदर्शन करते जेएनयू छात्र
- फोटो : अमर उजाला
जेएनयू कैंपस में बुधवार को नौ पीड़ित छात्राएं मीडिया के सामने आईं। उनका कहना है कि एकेडमिक करियर दांव पर है। वे वामपंथी विचारों की होने के चलते प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप नहीं लगा रही हैं। उनके मुताबिक, यौन उत्पीड़न के मामले सालों से चले आ रहे हैं, लेकिन कोई शिकायत नहीं करता।
हमारी दोस्त ने सबसे पहले शिकायत दी तो हमें हौसला मिला। पुलिस ने हमारी मांग को बड़ी मुश्किल से मानते हुए एक एफआईआर को आठ में अलग-अलग बांटा। हालांकि वे प्रोफेसर को अदालत से जमानत मिलने पर हैरान हैं।
वहीं जेएनयू प्रशासन ने बुधवार को अपील की कि परिसर में सामान्य वातावरण बनाने में सभी मदद करें। स्कूल व केंद्रों में बिना रुकावट के पढ़ाई जारी रहना जरूरी है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से कहा गया है कि कुछ दिन से कई केंद्रों पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने कब्जा किया हुआ है।
इसके चलते छात्र और शिक्षक कक्षाओं में नहीं जा पा रहे हैं। इससे पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। दाखिले के लिए आने वाले उम्मीदवारों का साक्षात्कार भी नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में जो भी बदलाव हो रहे हैं, वे नियमानुसार हैं। इनमें अनिवार्य उपस्थिति का नियम भी शामिल है।