महज 20 साल की दो महिला पायलट ने बेटियों के सम्मान के लिए 90 दिन में दुनिया नापने का बीड़ा उठाया है। इस साहसिक मिशन की कमान आरोही पंडित के हाथ होगी और उनके साथ छोटे से लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट में होंगी कीथर मिसविक्टा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इस मुहिम में उन्हें सहयोग कर रहा है। बेटियों को सम्मान दिलाने का संदेश फैलाने वाले उनके एयरक्राफ्ट पर लिखा होगा-बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।
विमान को पटियाला से रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर कौर की पत्नी परनीत कौर रवाना करेंगी। मंत्रालय उनके मार्ग में आने वाले देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के जरिये उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराने में मदद करेगा। यदि सब कुछ तय समय सीमा और योजना के अनुसार हुआ, तो दोनों महिला पायलट 90 दिनों में तीन महाद्वीपों के 23 देशों से होते हुए लगभग 40,000 किलोमीटर का सफर तय कर लेंगी। तकनीकी संचालन की समस्या के कारण विमान को दिल्ली के बजाय पटियाला से रवाना किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि भारत की दो युवा बेटियां अपने हौसलों की उड़ान से देश की बेटियों को सशक्त बनाने की एक सच्ची मिसाल पेश करेंगी। आरोही ने बताया कि लगभग चार साल से वह व कीथर दोस्त हैं। दोनों ने बॉम्बे फ्लाइंग क्लब में भी साथ-साथ प्रशिक्षण लिया। उन्हें इस विमान पर लगभग 40 घंटे उड़ान भरने का अनुभव हैं। लिहाजा जब उन्हें इस अभियान का पता चला तो दोनों ने एक टीम के रूप में मिलकर काम करने का फैसला किया।
प्रतिदिन चार घंटे ही उड़ सकता है स्लोवेनिया निर्मित माही
स्लोवेनियाई निर्मित माही नामक यह जहाज प्रतिदिन चार घंटे ही उड़ सकता है और इसकी उड़ान पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करती है। आपात स्थिति में आरोही और कीथर बैलिस्टिक पैराशूट का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिसकी मदद से पूरा विमान ही सुरक्षित नीचे उतर आएगा। दोनों कप्तानों को उम्मीद है कि उन्हें इसके इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी। विमान की अधिकतम गति क्षमता 215 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसलिए इस अभियान में दोनों महिलाओं को कई जगह रुकना पड़ेगा।
ग्राउंड सपोर्ट टीम साये की तरह रहेगी साथ
आरोही पंडित और कीथर की सुरक्षित यात्रा के लिए नेक्सस फ्लाइट ऑपरेशंस इंडिया की ग्राउंड सपोर्ट टीम हमेशा तैयार रहेगी। यह टीम उन्हें हर उड़ान और लैंडिंग में तकनीकी सहायता और अनुमतियां भी दिलाएगी।