भारत ने पाकिस्तान को अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर जारी चिंता से अवगत कराया है और पिछले महीने खुफिया कर्मियों द्वारा अपने दो राजनयिकों के उत्पीड़न को लेकर शिकायत की है। यह बात शनिवार को सूत्रों ने बताई।
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय को सौंपे गए एक पत्र में उच्चायोग की सुरक्षा के बारे में आपत्तिपत्र में चिंता जाहिर की गई थी। सूत्रों ने सुरक्षा खतरे की बात से इनकार किया लेकिन संकेत दिया कि यह एक गंभीर मसला हो सकता है।
पाकिस्तान को 25 अप्रैल को भेजे गए वर्बल नोट में भारत ने लाहौर के पास सच्चा सौदा गुरुवारे में 17 अप्रैल को अपने दो राजनयिकों के उत्पीड़न और उन्हें हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है। राजनयिक यहां भारतीय तीर्थयात्रियों की सहूलियत के लिए मौजूद थे। उन्हें 15 पाकिस्तानी खुफिया कर्मियों ने एक कमरे में लगभग आधे घंटे तक बंद कर दिया।
खुफिया अधिकारियों ने राजनयिकों से पूछताछ की और उनके सामान की तलाशी ली। राजनयिकों को जाने देने से पहले खुफिया कर्मियों ने उन्हें चेतावनी देते हुए उस क्षेत्र में दोबारा न आने के लिए कहा। वर्बल नोट में पाकिस्तान से इस मसले पर जांच करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।
भारतीय राजनयिक जब पंजाब प्रांत के गुरुवारे में आए तीर्थयात्रियों की मदद या सुविधा के लिए जाते हैं तो लगातार उनका उत्पीड़न किया जाता है। भारतीय तीर्थयात्रियों को खालिस्तान समर्थक समूह के प्रोपेगैंडा का भी सामना करना पड़ता है।