सोमैया ने दावा किया था कि पिछले हफ्ते पुणे नगर निगम कार्यालय के परिसर में शिवसेना के गुंडो ने उनपर उस वक्त हमला कर दिया था। वे यहां विशाल कोविड-19 अस्पताल को संचालित करने के अनुबंधों में अनियमितता के आरोपों के सिलसिले में वहां गए थे।
महाराष्ट्र में पिछले हफ्ते भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। डीसीपी जोन-1 प्रियंका नरनावड़े ने कहा कि शिवाजी नगर थाने के पुलिसकर्मियों को इसलिए सस्पेंड किया गया, क्योंकि वे पुणे महानगरपालिका में जुटे लोगों की सही संख्या का पता लगाने में नाकाम रहे थे।
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इससे पहले सोमैया ने दावा किया था कि पिछले हफ्ते पुणे नगर निगम कार्यालय के परिसर में शिवसेना के गुंडो ने उनपर उस वक्त हमला कर दिया था। वे यहां विशाल कोविड-19 अस्पताल को संचालित करने के अनुबंधों में अनियमितता के आरोपों के सिलसिले में वहां गए थे।
स्थानीय भाजपा नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने 60 से 70 लोगों के खिलाफ गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, गलत तरीके से रोकने, नुकसान पहुंचाने, मानव जीवन को खतरे में डालने सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। इसके बाद शिवसेना के आठ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुणे पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।
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इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सोमैया लोगों द्वारा घेरे हुए दिख रहे हैं और सुरक्षाकर्मी उन्हें कार में ले जाने से पहले वह पुणे नगर निगम परिसर में सीढ़ियों पर गिरते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद सोमैया को शहर के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कहा कि वह पीठ के बल गिरे थे और उनकी कलाई में भी चोट आई है।