केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय जनता पार्टी ने अपने दो नेताओं को छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया है। पार्टी ने यह कदम केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वकिष्ठ नेता नितिन गडकरी को अपशब्द कहने और मतगणना से पहले ही गडकरी की हार की बात कहने पर उठाया है।
पार्टी ने यह निर्णय तब लिया जयहरि सिंह ठाकुर और अभय टिकड़े के बीच की एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस रिकॉर्डिंग में ठाकुर और टिकड़े कह रहे थे कि गडकरी नागपुर से कांग्रेस प्रत्याशी नाना पटोले से हार जाएंगे। इसके बाद उन्होंने गडकरी के लिए अपशब्द कहे। हालांकि, गडकरी ने करीब 197000 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी।
जयहरि सिंह ठाकुर भाजपा की नागपुर शहर इकाई के उपाध्यक्ष थे और टिकड़े कार्यकारी समिति के सदस्य थे। नागपुर शहर इकाई के अध्यक्ष सुधाकर कोहले ने ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए कहा, 'दोनों नेताओं ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही फोन कॉल के दौरान दावा किया था कि गडकरी चुनाव नहीं जीतेंगे क्योंकि वह केवल अमीरों का ख्याल रखते हैं और पार्टी के सच्चे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हैं।'
कोहले ने कहा कि पार्टी इस तरह की अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'ठाकुर को तत्काल पद से हटाने के लिए मैंने नागपुर जिले के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को पत्र लिखा है।' वह पश्चिम नागपुर में संजय गांधी निराधार योजना के अध्यक्ष पद की बात कर रहे थे, जो ठाकुर के पास है।
वहीं, इस मामले में ठाकुर का कहना है कि ऑडियो क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है। ठाकुर ने कहा, 'मैं नितिन गडकरी और अन्य पार्टी नेताओं का बहुत सम्मान करता हूं।' महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से बर्खास्त किए जाने के बाद ठाकुर ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसपर उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।