भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशी तस्करों ने तारबंदी काटकर तस्करी करने की कोशिश की और बीएसएफ के जवानों ने जानलेवा हमला कर दिया। जवान को आत्म रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें दो बांग्लादेशी तस्कर ढेर हो गए।
शनिवार रात करीब 9.30 बजे की घटना
बीएसएफ के अधिकारियो से मिली जानकरी के अनुसार, यह घटना शनिवार को रात करीब 9.30 बजे की है। दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत 32 वाहिनी (जिला नदिया) की सीमा चौकी गोविंदपाडा के जवान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लोगों के समूह को नई तारबंदी काटते देखा और रोका, लेकिन तस्कर नहीं रुके। इस पर जवानों ने हवाई फायर किए। वे फिर भी नहीं माने। जब जवानों ने उनको पकड़ने की कोशिश की तो 15 से 16 तस्कर हाथापाई पर उतर आए।
तेज धार हथियारों से अचानक हमला कर दिया
इस बीच तस्करों के एक अन्य समूह बांग्लादेश की तरफ से आया और जवान को घेर कर तेज धार हथियारों से अचानक हमला कर दिया। कोई विकल्प नहीं पाकर और आत्म रक्षा के लिए जवान को फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद तस्कर बांग्लादेश की तरफ भाग गए। इसके बाद इलाके की गहन तलाशी ली गई, जिसमें दो तस्कर घायलवस्था में मिले। घायलों को जवानों ने प्राथमिक उपचार देकर कृष्णागंज के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दोनों बांग्लादेश के गांव नास्तीपुर के रहने वाले
अगले रविवार सुबह एक बार फिर से घटना स्थल की तलाशी के दौरान वंहा से दो टॉर्च, एक वायर कटर, एक डंडा, तीन दाह बरामद हुए। तस्करों द्वारा तारबंदी को भी काट दिया गया जोकि संभवतः पशु तस्करी के इरादे से काटी गई थी। सूत्रों से पता चला है की तस्करों का नाम सहदुल मंडल तथा खाजा मंडल है और दोनों बांग्लादेश के गांव नास्तीपुर के रहने वाले हैं। बीएसएफ द्वारा इस घटना की जानकारी तुरंत पुलिस थाना कृष्णागंज को दी गई और इस घटना कि एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
जानलेवा हमले की यह कोई पहली घटना नहीं
उल्लेखनीय है कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर जानलेवा हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। सीमा सुरक्षा बल के बांग्लादेशी तस्कर/उपद्रवियों के द्वारा पशु तस्करी के संबंध में बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड को बार-बार विरोध पत्र देने के बावजूद, बांग्लादेशी तस्कर/बदमाश जानबूझकर अवैध रूप से पशु तस्करी कर रहे हैं। वे सीमा की रक्षा कर रहे बीएसएफ जवानों पर हमला करते रहते हैं। इस वर्ष बांग्लादेशी पशु तस्करों द्वारा बीएसएफ पर जानलेवा हमले के कई मामले सामने आए हैं। इसी तरह के हमलों में एक जवान ने अपनी बांह लगभग खो दी है व अन्य जवान ने अपनी आंख खो दी और और अन्य कई जवान गंभीर रूप से घायल हो चुकें है।