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Opration Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर का 'लोगो' इन दो सैनिकों ने किया था डिजाइन, सामने आए नाम; जानें पूरी कहानी

Tue, 27 May 2025 08:47 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय सेना ने अपनी पत्रिका 'बातचीत' में 'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो बनाने वाले सेना के जवानों की तस्वीर शेयर की है। पत्रिका में तस्वीर का शीर्षक है, "'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो बनाने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह।
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ऑपरेशन सिंदूर का लोगो बनाने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के ऑपरेशन सिंदूर के लोगो ने दुनियाभर में हर किसी का ध्यान खींचा था। सेना की ओर से जारी किए गए ऑपरेशन सिंदूर के लोगो ने देशभर के करोड़ों लोगों की भावनाओं को छू लिया था। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के लिए चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर का लोगो सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह ने डिजाइन किया था। यह लोगो देशवासियों के बीच भारतीय सशस्त्र बलों के अद्म्य साहस का प्रतीक बन गया है।

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भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नरसंहार के जवाब में 7 मई को तड़के सटीक हमलों के साथ पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था। इसके तुरंत बाद भारतीय सेना के सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्टर के साथ एक मार्मिक संदेश जारी किया था। यह अब ऑपरेशन सिंदूर की छवि बन गया है। इस लोगो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के आंकड़े भी दिए गए हैं। सेना ने कहा कि लोगो को एक्स पर 9 करोड़ और इंस्टाग्राम पर 51 करोड़ व्यूज मिले।

 

ऑपरेशन सिंदूर - फोटो : एएनआई
लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह ने डिजाइन किया लोगो
ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित भारतीय सेना की पत्रिका ‘बातचीत’ के नवीनतम संस्करण के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई का लोगो लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह ने डिजाइन किया था। अपने विशेष अंक में, सेना दोनों सैन्यकर्मियों की तस्वीरें भी साझा की हैं। रिपोर्ट्स में बताया गया कि इस ‘लोगो’ को बनाने में सिर्फ 45 मिनट लगे थे। 17 पृष्ठों वाली इस पत्रिका के आरंभिक भाग में पूरे पृष्ठ पर भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न है, जिसके शीर्ष पर भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न अंकित है। अगले पेज पर पहलगाम हमले की याद दिलाई गई है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 

पहलगाम वाले शीर्षक पेज पर लिखा है कि 22 अप्रैल 2025 को देश ने हिंसा की एक नृशंस और क्रूर घटना देखी। इसमें पांच आतंकवादियों ने धर्म के नाम पर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी। यह घटना पहलगाम के बैसरन घाटी के शांत मैदानों में हुई, जहां पर्यटक जिंदगी का जश्न मनाने के लिए उत्साह से गए थे। इस घटना ने दंडात्मक कार्रवाई के साथ आतंकवाद से लड़ने के हमारे देश के संकल्प को मजबूत किया। इस पेज पर हमले के बाद की स्थिति, ताबूतों की कतारें तथा पीड़ितों में से एक के अंतिम संस्कार के दौरान दी गई भावनात्मक विदाई की तस्वीरें भी हैं।

पत्रिका के 11वें पेज पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की एक तस्वीर है। इसमें वह स्क्रीन ग्रिड को देख रहे हैं और समय अंकित है 7 मई, 2025, समय 01:05 बजे। विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने सैन्य कार्रवाई के कुछ घंटे बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि यह हमला 7 मई को रात 1:05 बजे से 1:30 बजे तक ऑपरेशन सिंदूर के तहत किया गया और यह पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों तथा उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए शुरू किया गया था। उसी दिन तड़के 1.44 बजे सरकार ने एक बयान में इस बात पर जोर दिया कि भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन की विधि में काफी संयम दिखाया है और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है।

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डीजीएमओ की प्रेस वार्ता में सैन्य अधिकारी - फोटो : एएनआई
लोगो इन चीजों का है प्रतीक
इसके कुछ ही देर बाद भारतीय सेना के सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्टर के साथ एक संदेश प्रकाशित किया। #पहलगामआतंकवादीहमले में न्याय हुआ। जय हिंद! संदेश के साथ भारतीय सेना की 1:51 बजे की एक्स पोस्ट पर यह पोस्टर लगाया गया था, जो शब्दों में संक्षिप्त लेकिन प्रतीकात्मकता से भरपूर था। पोस्टर के डिजाइन में ऑपरेशन का नाम मोटे अक्षरों में लिखा गया है। इसमें पहला ‘ओ’ कटोरे जैसा है जिसमें सिंदूर भरा हुआ  है जबकि दूसरे ओ के आसपास कुछ सिंदूर बिखरा हुआ है। यह बिखरा हुआ सिंदूर अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इस लोगो को सोशल मीडिया पर काफी साझा और सराहा गया। सैन्य प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि ये सभी वीडियो भारतीय सेना के सामरिक संचार अतिरिक्त महानिदेशालय के सोशल मीडिया अनुभाग की ओर से आंतरिक रूप से बनाए गए थे।

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