बंबा बाईपास पर हुए हादसे में मृतकों की संख्या शनिवार शाम तक 12 हो गई। जिला अस्पताल सहित कई परिवारों में आंसू, दर्द और चीत्कार सुनाई दी। किसी ने अपना लाल खो दिया तो किसी ने अपनी बुढ़ापे की लाठी।
अपने भाई के लिए रो रहा था तो कोई अपने पिता के लिए। घटना स्थल पर पड़े जूते, चप्पल और सामान को देखकर लोग घटना की भयावहता को महसूस कर सिहर रहे थे।
वहीं मुआवजे की मांग को लेकर शनिवार दोपहर एक मृतक के परिवारीजनों ने बंबा बाईपास पर जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर लापरवाही का आरोप लगाया।
पुलिस ने समझाबुझाकर मामले को शांत किया। गौरतलब है कि शुक्रवार रात को अनियंत्रित हुए ट्रक ने कई बरातियों को कुचल दिया था। इस हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार शाम तक 12 हो गई।
जिला अस्पताल परिसर में मृतकों के परिवार के लोगों का बुरा हाल था। कई महिलाएं गश खाकर गिर पड़ीं। पोस्टमार्टम हाउस पर भीड़ लगी थी। परिवारीजन शवों को लेकर घर पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया।
शनिवार दोपहर टापाकलां निवासी करुआ पुत्र मुन्नालाल के परिवारीजनों के साथ क्षेत्रीय लोगों में मुआवजे की मांग को लेकर आक्रोश फैल गया। उन्होंने शव रखकर बंबा बाईपास पर जाम लगा दिया। महिलाएं धरने पर बैठ गईं।
आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा काटा और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजा बढ़ाए जाने की मांग की। आक्रोशित लोग दस लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने की मांग कर रहे थे, जबकि दो लाख रुपये का चेक तत्काल देने की आवाज भी जाम के दौरान उठी।
सूचना पर सीओ सिटी राजेश चौधरी, कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा के साथ थानाध्यक्ष रामगढ़, रसूलपुर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ सिटी ने आक्रोशित लोगों को आश्वासन दिया कि वह देर शाम तक दो लाख रुपये का चेक करुआ के परिवारीजनों को देने का प्रयास करेंगे।
इनके लिए काल बना ट्रक
बरात पर चढ़ा ट्रक
- फोटो : अमर उजाला
कृष्णा पुत्र अशोक कुमार शर्मा निवासी महादेवनगर थाना रामगढ़, करुआ पुत्र मुन्नालाल निवासी टापाकलां थाना उत्तर, वकील पुत्र चांद मास्टर निवासी कश्मीरीगेट गली नंबर सात थाना रामगढ़, नरेंद्र पुत्र भारत सिंह निवासी रानीनगर थाना उत्तर, नीरज पुत्र रामसेवक निवासी रानीनगर थाना उत्तर, भूपेंद्र पुत्र रोहन सिंह निवासी गढ़ी जहान सिंह थाना शमसाबाद आगरा, सुमित पुत्र रामपाल सिंह निवासी सुदामानगर थाना उत्तर, संतोष पुत्र दाऊ दयाल निवासी टापाकलां मायापुरी थाना उत्तर, बलदेव पुत्र श्यामपाल निवासी फतेहाबाद आगरा, मनीष पुत्र गोविंद सिंह निवासी गढ़ी जहान सिंह थाना शमसाबाद आगरा व अनुज पुत्र रामवीर सिंह निवासी रानीनगर थाना उत्तर तथा एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई, इसके शव की शिनाख्त शनिवार दोपहर तक नहीं हो सकी।
इनका चल रहा अस्पताल में इलाज
सिराज पुत्र मुन्नालाल निवासी रानीनगर थाना उत्तर, शिवम पुत्र श्रीकिशन निवासी काशीराम बिहार, मस्ताना पुत्र कालीचरन निवासी हजरतपुर थाना टूंडला, राजेंद्र पुत्र शिवचरन निवासी नगला करन सिंह थाना उत्तर, गौरव पुत्र मवासीराम निवासी रानीनरग, मनोज पुत्र रामसनेही निवासी गल्लामंडी थाना उत्तर, अनुज पुत्र कमलेश निवासी गढ़ी सिधारी थाना नारखी, गोपी पुत्र राधेश्याम निवासी मोहम्मदाबाद थाना टूंडला, शिवम पुत्र योगेंद्र निवासी बाजिदपुर थाना मटसेना घायल हुए हैं। इनको उपचार के लिए देर रात आगरा रेफर किया गया था।
मृतकों को दो-दो लाख, घायलों को पचास हजार
हादसे की छानबीन करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों और घायलों को मुआवजा राशि देने के नाम पर प्रशासनिक अधिकारी लापरवाह बने रहे। शुक्रवार रात करीब नौ बजे हुए हादसे के बाद शनिवार सुबह नौ बजे तक मुआवजे की घोषणा प्रशासन की ओर से नहीं की गई थी।
सुबह करीब आठ बजे पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता प्रो. एसपी सिंह बघेल के साथ काफी संख्या में भाजपा नेता जिला अस्पताल पहुंचे। मृतकों के परिवारीजनों ने उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराया। वहीं नगर विधायक ने पीड़ितों के लिए बीस-बीस लाख रुपये मुख्यमंत्री से दिए जाने की मांग की।
इसके बाद भाजपा नेताओं ने डीएम निधि केसरवानी के साथ प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बात कर मृतकों के परिवार के लोगों को सहायता राशि के साथ घायलों का फ्री उपचार कराने की मांग की। दस बजे अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह और एसडीएम टूंडला डा. पंकज वर्मा ने मृतकों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास पचास हजार रुपये देने की घोषणा की।
इसके अलावा दस लाख रुपये की सहायता राशि देने के लिए शासन को पत्र भेजने की बात भी कही। मृतकों के परिवारीजनों को पुर्नवास योजना के तहत लाभ का आश्वासन भी दिया। भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता का कहना था कि अधिकारियों को यह घोषणा देर रात ही कर देनी चाहिए थी।
सूनी रही महफिल, पूरी नहीं हो सकी शादी की रस्में
मृतक के परिजन विलाप करते हुए
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फीरोजाबाद। शादी की रस्मों को पूरा करने के लिए जिस महफिल को शुक्रवार सुबह कारीगरों द्वारा बिजली की आकर्षक रोशनी से सजाया गया था, वह हादसे के बाद सूनी हो गई। विवाह समारोह में वरमाला नहीं पड़ी और महज फेरों के साथ रस्म निभा दी गई। उधर, सुबह होते ही घटनास्थल पर पहुंचे लोग भी मंजर देख कर अपने आंसू नहीं रोक सके। घटनास्थल पर टूटा पड़ा विद्युत पोल और बिखरे पड़े जूते चप्पल हादसे की भयावहता की कहानी कह रहे थे।
कई जनप्रतिनिधि पहुंचे पर सांसद नहीं
शुक्रवार देर रात बंबा बाईपास मार्ग पर हुआ हादसा और 12 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद भी फीरोजाबाद सांसद ने कोई सुध नहीं ली। जिला पंचायत अध्यक्ष विजयप्रताप उर्फ छोटू व पूर्व विधायक अजीम भाई, महानगर अध्यक्ष हाशिम मंसूरी के साथ राज नारायन गुप्ता साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, वहीं सपा जिलाध्यक्ष सहित सपा के कई वरिष्ठ नेता अस्पताल नहीं पहुंचे। जबकि बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र कुमार, हैमंत प्रताप, केडी जाटव सहित भाजपा के नेता देर रात ही अस्पताल में डेरा डाले रहे।
छावनी बना रहा अस्पताल
Accident
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हादसे में 12 लोगों की मौत और नौ लोगों के घायल होने के बाद अस्पताल को छावनी बना दिया गया। एसएसपी अशोक कुमार, एसपी सिटी संजीव वाजपेयी, एसडीएम सदर डा. पंकज वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी के साथ सिटी और देहात क्षेत्र के थानेदार पीएसी और क्यूआरटी जवानों के साथ जिला अस्पताल में डेरा डालने के साथ ही हर स्थिति पर नजर रखे रहे। उन्हें डर था कि कहीं मृतकों के परिवारीजन हंगामा न कर दें।
टूट गई बुढ़ापे की लाठी
करुआ छह भाईयों के बीच में दूसरे नंबर का था। बड़ा भाई विकलांग होने के साथ ही शेष चार भाई काफी छोटे हैं। ऐसे में माता पिता के साथ भाईयों के भरण पोषण की जिम्मेदारी करुआ के कंधों पर थी। वह दिन में रिक्शा चलाकर रात को बारातों में हंडा उठाने का काम करता था।
कैसे होंगे बहन के हाथ पीले
नरेंद्र दो भाईयों में सबसे बड़ा था। उसकी एक बहन है। छोटा भाई विकलांग है जबकि मां की हादसे में मौत हो गई थी। नरेंद्र पिता के साथ काम करके परिवार का भरण पोषण करता था। शुक्रवार रात पिता के साथ वह शादी में हंडा उठाने के लिए गया था। बेटे की मौत के बाद भारत सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था।