देशभर में पिछले कुछ दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। अब इस आंदोलन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाले तमिलगा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) भी शामिल हो गई है। गुरुवार को पार्टी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक के साथ चेन्नई में मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, 'लोकतंत्र बचाओ' आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस सांसद बी मणिकम टैगोर और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) ने किया, जिसमें सभी सात घटक दलों के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
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इंडिया ब्लॉक में कब शामिल हुई टीवीके?
तीन अक्तूबर को इंडिया ब्लॉक में शामिल होने के बाद टीवीके पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग वाले अभियान में शामिल हुई। इसमें टीवीके नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री ए राजमोहन, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको शामिल थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के नेता एसएस बालाजी ने कहा, 'जब मुख्य न्यायिक परिषद ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के खिलाफ आवाज उठाई, तो इसका असर तुरंत दिखाई दिया, अंततः न्याय की जीत होती है और लोकतंत्र विजयी होता है। इंडिया ब्लॉक में कई राष्ट्रीय पार्टियां हैं। जहां तक तमिलनाडु का सवाल है, पार्टियों की संख्या सीमित है और उन्होंने (टीवीके) तमिलनाडु इंडिया ब्लॉक में शामिल होने में रुचि दिखाई है। जब इंडिया ब्लॉक की राष्ट्रीय स्तर पर बैठक होगी तो वे टीवीके के आधिकारिक प्रवेश को अपनी सहमति देंगे, लेकिन टीवीके इंडिया ब्लॉक में शामिल हो चुकी है।'
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कांग्रेस ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने बताया कि हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर जोर दे रहे हैं। चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है, जो अलोकतांत्रिक है। भाजपा सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती, इस विरोध को और मजबूत करने के लिए आज टीवीके सरकार भी इसमें शामिल हो रही है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रमुख के.एम. कादर मोहिदीन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन और सीपीआई (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के राज्य सचिव पाला असाईथम्बी ने भी आंदोलन में भाग लिया।