विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में टीबी के मामलों में बड़ी कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल सामने आने वाले नए मामलों में 21 फीसदी की कमी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (13 नवंबर, 2025) को टीबी के मामले में आई कमी की सराहना की। भारत में 2015 के बाद से टीबी के मामले में तेजी से कमी आई है। टीबी मामलों में कमी वैश्विक दर से दोगुनी है. पीएम मोदी ने इसका श्रेय उपचार कवरेज के बढ़ते दायरे को दिया।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में टीबी के मामलों में बड़ी कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल सामने आने वाले नए मामलों में 21 फीसदी की कमी हुई है। जनसंख्या के हिसाब से 2015 में प्रति लाख 237 मामले के मुकाबले 2024 में यह प्रति लाख 187 मामलों तक आ चुका है।
ये आंकड़े डब्ल्यूएचओ की वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2025 में सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस रिपोर्ट पर कहा कि दुनिया में 12 फीसदी की दर से कम हो रहे टीबी के मामलों में भारत का आंकड़ा तकरीबन दोगुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ''भारत की टीबी के खिलाफ जंग उल्लेखनीय गति पकड़ रही है। डब्ल्यूएचओ की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में टीबी के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। साथ ही यह वैश्विक कमी दर से दोगुना है।''
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पीएम मोदी ने कहा कि भारत में टीबी के मामले में आई कमी दुनिया भर में दर्ज की गई सबसे तेज गिरावटों में से एक है। पीएम ने कहा, ''उपचार कवरेज का बढ़ता दायरा, लापता मामलों में आई कमी और उपचार की सफलता में आई लगातार बढ़त भी उतनी ही उत्साहजनक है। हम स्वस्थ और चुस्त भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
गौरतलब है कि भारत में टीबी के खात्मे के लिए केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) चलाया जाता है। इसके तहत टीबी के मरीजों को मुफ्त इलाज दिया जाता है। इसके साथ ही नि-क्षय पोषण योजना (NPY) के तहत पोषण संबंधी वित्तीय मदद भी की जाती है। इस योजना के अंतर्गत टीबी के मरीजों को इलाज के दौरान हर महीने 1,000 रुपये वित्तीय सहायता के तौर पर दिए जाते हैं।