रेलवे जल्द ही टिकट चेकर (टीटीई) को ‘रनिंग स्टाफ’ की सुविधाएं दे सकता है। दरअसल 87 साल पहले 1931 में आजादी के आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों की मदद करने के आरोप में ब्रिटिश सरकार ने टीटीई से यह सुविधा छीन ली थी। अब सरकार ने दोबारा से इन्हें यह सुविधा देने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को तीन महीने के भीतर इस मामले में अपना निर्णय देना है। समिति से मंजूरी मिलते ही साथ सरकार इसे हरी झंडी दे सकती है। बता दें कि पाकिस्तान ने साल 1962 में और बांग्लादेश ने टीटीई को रनिंग स्टाफ का पद देने और सुविधाएं दे दी थी ।
दरअसल ट्रेनों के परिचालन में सहयोग करने वाले लोको ड्राइवर, सहायक लोको ड्राइवर, गार्ड, ब्रेक्समैन और अन्य कर्मचारियों को ‘रनिंग स्टाफ’ कहा जाता है। इस के तहत आने वाले कर्मचारियों को अधिक भत्ते और एयर कंडिशन रेस्ट रूम समेत कई अन्य सुविधा मिलती है। टीटीई स्टाफ के मुकाबले रनिंग स्टाफ के ड्राइवर और गार्ड की सैलरी 30 फीसदी ज्यादा होती है। उन्हें महज 10 घंटे ही काम करना होता है और ट्रेन के लेट होने पर उन्हें रिलीवर भी मिलता है।