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तेलंगाना रोडवेज: 48 हजार कर्मी बर्खास्तगी के खिलाफ जा सकते हैं अदालत

Tue, 08 Oct 2019 04:47 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

  • राज्य सरकार के फैसले को ट्रेड यूनियन देगी चुनौती
  • सरकार ने हड़ताल को अवैध बताते हुए मांगों को खारिज कर दिया था
  • आरटीसी के सरकार में विलय और नए कर्मचारियों की भर्ती की कर रहे मांग 
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के चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम से जुड़ी ट्रेड यूनियनें राज्य सरकार के करीब 48 हजार हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी के फैसले को अमल पर लाए जाने को अदालत में चुनौती देंगी। तेलंगाना मजदूर यूनियन अध्यक्ष ई.अश्वत्थामा रेड्डी ने स्पष्ट किया कि अभी हड़ताली कर्मियों को सरकार या निगम प्रबंधन से किसी तरह का कोई बर्खास्तगी या निलंबन का नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि देश में कानून हैं और उनकी नियुक्तियां नियमानुसार हुई हैं। उन्हें ऐसे नहीं हटाया जा सकता। रेड्डी ने कहा कि देश में अदालतें हैं और अगर जरूरत पड़ी तो वे इस आदेश को अदालत में चुनौती देंगे।

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गौरतलब है कि सोमवार को सरकार ने हड़ताल को अवैध बताते हुये उनकी मांगों को खारिज कर दिया था। मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने रविवार को कहा था कि जो कर्मचारी ड्यूटी पर तय डेडलाइन तक वापस नहीं आएंगे तो उन्हें सरकार वापस नहीं लेगी। उन्होंने इशारा किया था कि जो लोग ड्यूटी पर नहीं आएंगे, उनकी नौकरी जा सकती है। हड़ताल कर रहे कर्मियों की मांग है कि निगम का विलय सरकार में किया जाए और विभिन्न पदों पर भर्ती की जाए। मुख्यमंत्री ने रुख कड़ा करते हुये कहा था कि ढाई हजार निजी बसों की सेवा ली जाएगी और नए लोगों की भर्ती कर दी जाएगी और नए लोगों को  लिख कर देना होगा कि वे ट्रेड यूनियन में शामिल नहीं होंगे।   

मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने कहा था कि जो कर्मचारी सरकार द्वारा तय की गई अंतिम समयावधि (शनिवार शाम छह बजे) तक काम पर वापस नहीं लौटते हैं, उन्हें टीएसआरटीसी कर्मचारी नहीं माना जाएगा और ड्यूटी पर वापस नहीं लिया जाएगा। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल खत्म न किए जाने पर तेलंगाना सरकार ने यह फैसला लिया था। 

आरटीसी के सरकार में विलय की मांग को लेकर हड़ताल

बता दें कि, टीएसआरटीसी के कर्मचारी इसका राज्य सरकार में विलय करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं, राज्य सरकार का रुख इस मांग के बिलकुल खिलाफ है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने को कहा था। सरकार ने इसके लिए शनिवार शाम छह हजे तक का समय दिया था। 

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