उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में मीडिया में इतनी बातें होने से एक फायदा यह हुआ कि पत्रकार गोरखपुर जाकर यह देखने लगे कि वाकई में गोरक्षनाथ राक्षसों का अड्डा है क्या? और, जो उन लोगों ने उनके बारे में पाया है, वो एकदम उलट है। योगी आदित्यनाथ को इतना मुस्लिम विरोधी दिखाया जा रहा है कि उनके दूसरे कामों को लोग देख ही नहीं रहे हैं।
सालों से उनके यहां लगने वाले जनता दरबार में हर जाति और धर्म के लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं। और जायज शिकायत होने पर बिना किसी भेदभाव के वो उस पर सुनवाई करते हैं। निजी तौर पर उनके मुसलमानों के साथ अच्छे रिश्ते हैं।
वो खुद भी एक बात कहते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में हर कहीं दंगे हुए हैं लेकिन गोरखपुर में नहीं हुए हैं। अवैध बूचड़खाने बंद करने के फैसले की ही सिर्फ चारों तरफ चर्चा हो रही है, जैसे कोई दूसरा काम वो कर ही नहीं रहे हैं। ये बूचड़खाने भी अपनी मनमर्जी से नहीं बंद किए जा रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर ये फैसला लिया गया है।