ट्रंप के भारत दौरे से पहले मोदी सरकार ने 24 एमएच-60 रोमिया हेलिकॉप्टर और छह एएच-64ई अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदने को मंजूरी दे दी है। जिसपर यात्रा के दौरान मुहर लग जाएगी। इस दौरान डिफेंस डील का दायरा बढ़ाने का भी एलान हो सकता है। भारत-अमेरिका के बीच 2008 में ऐतिहासिक परमाणु समझौता हुआ था। जिसके बाद इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि वेस्टिंगहाउस और न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआईएल) आंध्र प्रदेश के कोव्वादा में 1100 मेगावाट के छह रिएक्टर बनाने की बात कर रहे हैं। परमाणु समझौते के तहत किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर पूरी जिम्मेदारी सप्लायर पर डालने के प्रावधान से अमेरिका चिंतित था। हालांकि इसमें ऑपरेटर की भूमिका को भी शामिल किया गया है। वहीं बीमा कवर देने की भी बात है जिसके बाद अमेरिकी कंपनियों ने उत्सुकता दिखाई है।
अंतरिक्ष तकनीक पर बात संभव
दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष तकनीक पर भी बातचीत हो सकती है। भारतीय अतंरिक्ष एजेंसी इसरो ने अमेरिका के 209 सैटेलाइट प्रक्षेपित किए हैं। इसके अलावा इसरो और अमेरिकी अतंरिक्ष एजेंसी नासा मिलकर माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट बना रहे हैं। जिसमें एल और एस बैंड रडार होंगे। जहां नासा एल बैंड बनाएगा। वहीं इसरो एस बैंड बनाएगी। यह सैटेलाइट दुनिया की पहली दो बैंड से लैस वाली सैटेलाइट होगी।