आज पूरे विश्व में इंटरनेशनल वुमेन्स डे खुशी और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भारत महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ देश की सूची में 50वें स्थान पर है। हाल ही में आई यूएस न्यूज और व्हार्टन यूनिवर्सिटी की सर्वश्रेष्ठ देशों की रिपोर्ट में भारत को यह स्थान हासिल हुआ है लेकिन निश्चित रूप से भारत को सूची में जो स्थान हासिल हुआ है वह गर्व करने वाला नहीं। वजह है महिलाओं को किनारे कर दिया जाना और मानवाधिकारों से उनको दूर रखना।
ट्रूकॉलर का सर्वे
स्टॉकहोम आधारित फोन नंबर स्कैन ऐप ट्रूकॉलर के 'अंडरस्टैंडिंग द इंपैक्ट ऑफ हैरेसमेंट एंड स्पैम कॉल ऑन वूमन' के एक सर्वे के मुताबिक, देश की 78 फीसदी महिलाएं मोबाइल पर अश्लील मैसेज और फोन कॉल का सामना करती हैं। जिसका सीधा मतलब है कि हर 3 में से 1 महिला को अश्लील मैसेज और कॉल्स आते हैं।
ट्रूकॉलर ने देश के 15 शहरों में 20 जनवरी से 22 फरवरी के दौरान 15 से 35 साल की महिलाओं के बीच सर्वे करवाया है। भारत ऐसा पहला देश है जहां ट्रूकॉलर ने इस तरह का सर्वे करवाया। जिसमें यह स्टडी की गई कि कॉल्स और मैसेज महिलाओं को कैसे प्रभावित कर रहे हैं। सर्वे में तीन में से प्रत्येक एक महिला ने माना कि उन्हें अश्लील मैसेज और फोन कॉल्स का सामना करना पड़ता है।
यहीं नहीं 82 फीसदी महिलाओं ने माना कि उन्हें अनुचित वीडियो और तस्वीरें हर हफ्ते रिसीव होती हैं। ज्यादात्तर मामलों में अजनबी शख्स किसी तरह महिलाओं का नंबर हासिल कर उन्हें प्रताड़ित करते हैं।
सर्वे के मुताबिक, राजस्थान की राजधानी जयपुर में उत्पीड़न के सबसे ज्यादा उदाहरण देखने को मिलते हैं। बता दें कि भारत में 150 मिलियन अनुमानित ट्रूकॉलर यूजर्स हैं जो कि एक सबसे बड़ा बाजार है।