अरुणाचल प्रदेश में भारत की सीमा पर सेना के जवान मुस्तैद हैं। भारतीय सेना के सैनिक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। सेना के जवान राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं, ऐसे में उनका पूरा फोकस अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर रहता है। यह कहना है मेजर राजेश ठाकरे का।
मेजर राजेश ठाकरे ने बताया कि हम हथियारों और उपकरणों की नवीनतम तकनीक से लैस हैं। नियोजित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए हम फ्रंटलाइन स्तर तक पूरी तैयार हैं। हमारे बीच का तालमेल भी बहुत ही अच्छा है, जो किसी भी खतरे से निपटने या किसी भी योजना को पूरा करने के लिए काफी है। उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के कारण हम अंतिम पोस्ट तक उपग्रह डेटा तक पहुंचा सकते हैं।
मेजर ठाकरे ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए सरकार द्वारा की गई विशाल प्रगति की सच्ची गवाही है। हम 21 वीं सदी की सेना हैं और सीमा रेखा पर शांति और शांति बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं। हम अपने गौरव और हौसले को कभी कम नहीं होने देंगे।
अरुणाचल प्रदेश: चीन की सीमा से लगा भारत का पहला गांव
- चीन की सीमा से लगा भारत का पहला गांव काहो में भारत सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और मॉडल गांव तैयार करने के लिए काम कर रही है।
- स्थानीय लोगों ने बताया कि भारत की तरफ से यह आखिरी गांव है और चीन की तरफ से पहला। वैसे तो इधर 116 लोग रहते हैं लेकिन कुछ लोग बाहर चले गए हैं इसलिए यह संख्या थोड़ी कम हो गई है। यहां पर्यटक आ रहे हैं। होम स्टे है लेकिन थोड़ा महंगा है। सड़क अच्छी होनी की वजह से सामान लाने में दिक़्कत नहीं होती।
- स्थानीय लोगों ने बताया कि हम 16 घरों में 79 लोग रहते हैं। सरकार ने सड़क बनवाई है जिससे काफी मदद मिली है। हमारे भारतीय सेना से अच्छे रिश्ते हैं। 1962 में वे नहीं होते तो शायद हम यहां नहीं होते। भारतीय फौजी हमें मेडिकल आदि चीज़ों में काफी मदद करते हैं। सरकार (मोबाइल) नेटवर्क के बारे में थोड़ा सोचे।
सेना ने बेली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया
भारतीय सेना ने सुखतवा नदी पर 90 फुट लंबा बेली ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया है। यह पुल अप्रैल में टूट गया था। वाहनों की भारी आवाजाही के कारण यह पुल टूट गया था। यह 145 साल पुराना है। राज्य प्रशासन ने सेना से पुल का निर्माण करने तथा यातायात बहाल करने का अनुरोध किया था। इसके बाद दक्षिणी कमान की सुदर्शन चक्र कोर के इंजीनियरों ने नर्मदापुरम के समीप भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर पुल का निर्माण शुरू किया।
हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा की योजना
इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) की योजना बनाई है। जानकारी के मुताबिक, आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर से जल्द अस्पताल पहुंचाने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। मंत्रालय ने कहा कि इस पायलट परियोजना के लिए एयर आपरेटर आवेदन कर सकते हैं। जिनके पास सिंगल इंजन या दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर है, वे छह महीने की अवधि के लिए आपातकालीन मेडिकल सेवा शुरू करने का आवेदन दे सकते हैं।