मद्रास उच्च न्यायालय ने कोयंबटूर पुलिस को स्थानीय लोगों की सहमति के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। दरअसल, महालक्ष्मी नाम की याचिकाकर्ता ने उक्कड़म दक्षिण में पुलकाडु आवासीय कॉलोनी में गणेश प्रतिमा स्थापित करने और 31 अगस्त में पड़ने वाले विनायक चतुर्थी उत्सव को मनाने की अनुमति देने के लिए प्रार्थना की थी। उनकी इस अपील पर न्यायमूर्ति एन सतीश कुमार ने पुलिस को निर्देश दिया। गौरतलब है कि इस इलाके में मुस्लिम बड़ी संख्या में रहते हैं।
क्या थी अपील
याचिकाकर्ता ने अपील में कहा था कि हाउसिंग कॉलोनी के निवासी अपने क्षेत्र में विनायक चतुर्थी मनाना चाहते हैं और वहां रहने वाले अन्य समुदाय के लोग भी इस समारोह में भाग लेने के इच्छुक हैं। महालक्ष्मी ने ये भी बताया कि अन्य समुदाय के लोगों ने भक्तों को अन्नदानम (भोजन वितरण) के लिए भी अपनी सहमति जताई है। इस बाबत महालक्ष्मी ने स्थानीय पुलिस से इसकी अनुमति मांगी थी।
दोनों पक्षों ने दी अपनी दलील
इस मामले में पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह इलाका मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय से घिरा हुआ है। ऐसे में यहां गणेश उत्सव को मनाने में कानून-व्यवस्था भी बिगड़ सकती है। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि स्थानीय जमात के लोग भी समारोह में भाग लेने के इच्छुक हैं, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
अदालत ने दिया आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को विनायक की मूर्ति स्थापित करने और 31 अगस्त को अपने आवास इकाई में चतुर्थी उत्सव आयोजित करने के लिए जमात समिति के हलफनामे के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन के समक्ष एक हलफनामा दायर करना होगा। जिसमें उसे साफ करना होगा कि लोक (कानून एवं व्यवस्था) विभाग के 9 अगस्त 2018 के जीओ के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
साथ ही अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा इस तरह का हलफनामा दिए जाने पर पुलिस उचित सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को केवल अपनी आवासीय कॉलोनी के अंदर ही विनायक की मूर्ति स्थापित करने और समारोह मनाने की अनुमति होगी। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि मूर्ति के साथ कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा।