त्रिपुरा में क्राइम रिपोर्टर की हत्या का विरोध जताने के लिए कई स्थानीय अखबारों ने संपादकीय का कॉलम खाली छोड़ा है। पत्रकार सुदीप दत्त भौमिक की हत्या मंगलवार को राजधानी अगरताला के त्रिपुरा स्टेट रायफल्स में की गई थी।
त्रिपुरा में पत्रकारों की हत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ महीनों पहले शांतनु भौमिक नाम के पत्रकार को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। त्रिपुरा टाइम्स के एडीटर मानस पॉल ने कहा की दो महीनों में दो पत्रकारों की हत्या बेहद चिंता का मुद्दा है।
बता दें कि त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की दूसरी बटालियन के एक जवान ने पत्रकार सुदीप दत्त भौमिक को बेहद करीब से गोली मार दी। वहीं 20 सितंबर को एक स्थानीय चैनल के रिपोर्टर शांतनु भौमिक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह दो गुटों के बीच होने वाली हिंसक झड़प को कवर करने के लिए मौके पर गया था।
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अगरतला के प्रमुख अखबार श्यानदन पत्रिका के संपादक सुबल डे ने बताया कि अखबार के वरिष्ठ संवाददाता टीएसआर के कमांडेंट से मुलाकात करने के लिए बाकायदा समय लेकर आरकेनगर गए थे, लेकिन कमांडेंट के दफ्तर के बाहर किसी बात पर उनकी कमांडेंट के निजी सुरक्षा गार्ड से कहासुनी हो गई।
सुरक्षा गार्ड ने उन पर गोली चला दी, जिससे सुदीप की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है। वह टीएसआर में कांस्टेबल के पद पर तैनात था।