त्रिपुरा विधानसभा में हंगामा करते विधायक
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त्रिपुरा बागबासा विधानसभा के भाजपा विधायक जादव लक नाथ पिछले विधानसभा सत्र के दौरान पोर्न फिल्म देखते पाए गए थे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। जिसको लेकर विपक्ष ने मुद्दा उठाते हुए त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष से भाजपा विधायक पर कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते हंगामा इतना बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष को कई विधायकों को निलंबित तक करना पड़ गया। वहीं अपने निलंबन पर त्रिपुरा में कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने सवाल उठाया है।
सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि पूरे बजट सत्र के लिए मुझे निलंबित करना अवैध है। अध्यक्ष ने बर्मन को ट्रेजरी बेंच के सदस्यों के खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए पूरे बजट सत्र के लिए त्रिपुरा विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार है कि त्रिपुरा विधानसभा के किसी सदस्य को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है।
मुझे अवैध रूप से निलंबित कर दिया गया
रॉय बर्मन ने कहा कि अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल भाजपा के दबाव के आगे झुक गए। मैंने सदन के किसी भी सदस्य के नाम का उल्लेख नहीं किया। अध्यक्ष को शब्दों को हटाने का अधिकार है, लेकिन पूरे बजट सत्र के लिए निलंबन अवैध है। आगे बोले कि भाजपा के विधायक विधानसभा में मेरी उपस्थिति से डरते हैं। इसलिए मुझे अवैध रूप से निलंबित कर दिया गया। यह राज्य में संसदीय लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।
वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई की निंदा की। त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने कहा कि रॉय बर्मन विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य हैं और कई वर्षों से सदन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोई एक वरिष्ठ विधायक को उसके संवैधानिक अधिकारों से कैसे दूर रख सकता है। साहा ने कहा कि देश ने देखा है कि कैसे नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बोलने के लिए राहुल गांधी को संसद से बाहर रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि यह लोगों के लिए बोलने के कारण रॉय बर्मन को विधानसभा से बाहर रखने की उस चाल की याद दिलाता है।
बता दें कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने सदन में गंगाजल की एक बोतल लेकर प्रवेश किया। वह भाजपा विधायक के पोर्न वीडियो प्रकरण का विरोध करते हुए यह सब कर रहे थे। उनका मानना था कि वह गंगाजल से विधानसभा को अश्लीलता प्रकरण के कलंक से शुद्ध कर रहे हैं।
मंदिर की तरह है विधानसभा
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा बोले कि विधानसभा हमारे लिए एक मंदिर की तरह है और जिस तरह का उपद्रव विपक्षी दलों टिपरा मोथा, कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने मिलकर किया है, ऐसा नहीं होना चाहिए था।