त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को कहा कि लगभग तीन दशक के बाद सरकार सैद्धांतिक रूप से राज्य के लिए इत्र और अगरबत्ती का व्यापार के लिए सहमत हो गई है। राज्य में रोजगार को बढ़ाने के लिए यह बड़ी जीत है।
मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने ट्विट करते हुए कहा कि अगरवुड और उसके उत्पादों में अर्थव्यवस्था के रूपांतरण की क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने कहा, पिछली शाम प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर अगरवुड क्षेत्र के सतत विकास पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि इसकी खेती, इस क्षेत्र में अनुसंधान और परीक्षण पर भी चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि राल के पेड़ की गिनती राज्य में लगभग 50 लाख है। वर्ष 1991 में अगर की लकड़ी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पेड़ की लड़की, उसके चिप, पाउडर, परल और धूल तक पर प्रतिबंध था।