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Bengal: बांग्लादेश और बंगाल को लेकर क्या था शुभेंदु का बयान, जिसे लेकर EC के पास पहुंची तृणमूल, जानें मामला

Mon, 11 Nov 2024 01:32 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल में सभी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की वजह विधायकों का सीट छोड़ना है। यह सभी विधायक इस साल हुए लोकसभा चुनाव में जीतकर सांसद बने हैं। ऐसे में बंगाल में अब चुनाव प्रचार जोर-शोर से जारी है। टीएमसी ने बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजी गई चिट्ठी में कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रैली के दौरान भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान दिए। 
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ममता सरकार पर BJP नेता शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में छह विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले राज्य की सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को एक बार फिर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। टीएमसी ने अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की शिकायत की है और उन पर आचार संहित के उल्लंघन का आरोप लगाया है। टीएमसी ने कहा है कि अधिकारी ने तलदांगरा विधानसभा सीट पर रैली के दौरान सांप्रदायिक बयानबाजी की। 
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बंगाल में सभी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की वजह विधायकों का सीट छोड़ना है। यह सभी विधायक इस साल हुए लोकसभा चुनाव में जीतकर सांसद बने हैं। ऐसे में बंगाल में अब चुनाव प्रचार जोर-शोर से जारी है। टीएमसी ने बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजी गई चिट्ठी में कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रैली के दौरान भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान दिए। 

टीएमसी ने इस मामले में भारतीय चुनाव आयोग के तुरंत दखल की मांग की और शुभेंदु अधिकारी और उनकी पार्टी भाजपा के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के लिए सख्त प्रतिबंधों की मांग की। 
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टीएमसी ने शुभेंदु के किस कथित बयान पर जताई नाराजगी?
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को जो पत्र लिखा है, उसमें पार्टी ने दावा किया है कि शुभेंदु ने रैली के दौरान कहा- "क्या आपने बांग्लादेश से आई तस्वीरें देखीं? उन्होंने 596 मंदिरों को तबाहर कर दिया। हिंदुओं और आदिवासियों पर क्या जुल्म किए गए? ये (तृणमूल कांग्रेस) पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं।"

टीएमसी ने अपनी चिट्ठी में कहा कि इस तरह के बयान न सिर्फ अस्वीकार्य हैं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक नियमों का भी उल्लंघन है। यह न सिर्फ निराधार आरोप हैं, बल्कि सांप्रदायिक भी हैं। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस मामले में भाजपा को आचार संहिता के उल्लंघन के लिए सख्त निर्देश देने की भी मांग की।
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