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Manipur Violence: मणिपुर में फिर उग्रवादियों ने किया हमला, गोलीबारी में लगातार तीसरे दिन किसान घायल

Mon, 11 Nov 2024 01:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

अधिकारियों ने कहा कि हमलों से धान की फसल की कटाई प्रभावित हो रही है क्योंकि घाटी के बाहरी इलाकों में कई किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। 
 
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मणिपुर हिंसा को नियंत्रित करते सुरक्षा बल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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मणिपुर में पिछले साल भड़की हिंसा के बाद तनाव लगातार बरकरार है। यहां के पूर्वी इंफाल जिले के पास सोमवार सुबह अचानक उग्रवादियों ने पहाड़ियों से गोलीबारी शुरू कर दी। इससे खेतों में काम कर रहा एक किसान घायल हो गया।

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किसान खेतों में जाने से डर रहे
जातीय संघर्ष से जूझ रहे मणिपुर की इंफाल घाटी में पहाड़ियों पर उग्रवादियों द्वारा खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला करने का यह लगातार तीसरा दिन है। अधिकारियों ने कहा कि हमलों से धान की फसल की कटाई प्रभावित हो रही है क्योंकि घाटी के बाहरी इलाकों में कई किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। 

हाथ पर पैलेट गन लगने से चोट
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ताजा घटना में निकटवर्ती कांगपोकपी जिले में पहाड़ी की चोटी पर तैनात उग्रवादियों ने सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर पूर्वी जिले के यांगंगपोकपी शांतिखोंगबन इलाके में धान के खेतों में काम कर रहे किसानों पर गोलीबारी की, जिसमें एक किसान के हाथ पर पैलेट गन लगने से चोट लग गई। 
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उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जवाबी गोलीबारी की। इसके बाद कुछ देर के लिए मुठभेड़ शुरू हो गई। घायल किसान को इलाज के लिए येंगांगपोकपी पीएचसी ले जाया गया और फिलहाल वह खतरे से बाहर है। 

पहले भी हो चुके किसानों पर हमले
चूराचांदपुर जिले के सैतोन में शनिवार को आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में धान के खेत में काम कर रहीं 34 साल की एक महिला किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी तरह के हमले रविवार को इंफाल पूर्वी जिले के सनासाबी, सबुंगखोक खुनोउ और थामनापोकपी इलाकों में भी हुए। मणिपुर में पिछले साल मई से इंफाल घाटी स्थित मैतेई और आसपास के पहाड़ी इलाके कुकी के बीच हुई जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों बेघर हो गए हैं।

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