पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे को सत्ता से बेदखल करने के लिए आज ही के दिन 1998 में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था। पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के बाद ठीक 24 साल बाद पार्टी की नजर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर है। पिछले साल अप्रैल -मई में हुए विधानसभा चुनाव में ममता की पार्टी ने 292 विधानसभा सीटों में से 213 पर जीत हासिल की। इसके बाद देश भर में अपनी पार्टी का विस्तार करने की कोशिश के साथ- साथ पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सीधी चुनौती देते हुए दिख रही हैं।
वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के कमजोर पड़ने की वजह से तृणमूल कांग्रेस इस जगह को भी हथियाने का प्रयास कर रही है, क्योंकि उनकी पुरानी पार्टी भाजपा के खिलाफ लड़ाई में लगतार पिछड़ती जा रही है। इसके लिए टीमसी कांग्रेस और भाजपा समेत उन दलों के कई नेताओं को निशाना बनाते हुए अपनी पार्टी में शामिल कर रही हैं जो उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। ताकि अलग-अलग राज्यों में टीएमसी का संगठन मजबूत हो और 2024 के लोकसभा चुनाव में वह एक मजबूत संगठन और पैन इंडिया मौजूदगी के साथ उतर सकें।