फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MHA: नौ मैतेई उग्रवादी समूहों पर पांच साल बैन लगाने वाले फैसले पर होगा विचार, गठित किया गया न्यायाधिकरण

Wed, 29 Nov 2023 11:47 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने गोहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय कुमार मेधी की सदस्यता में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) न्यायाधिकरण का गठन किया है।
विज्ञापन
home ministry - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने नौ मैतेई उग्रवादी समूहों और उनके सहयोगी संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने के फैसले पर विचार के लिए एक न्यायाधिकरण का मंगलवार को गठन किया है। बता दें, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश विरोधी गतिविधियों और सुरक्षा बलों पर घातक हमले करने के लिए मैतेई उग्रवादी समूहों और उनके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध बढ़ा दिया था।

विज्ञापन

 
गैरकानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण?
मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 5 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, केंद्र सरकार ने गोहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय कुमार मेधी की सदस्यता में ‘गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) न्यायाधिकरण’ का गठन किया है, जो यह फैसला करेगा कि मणिपुर के मैतेई उग्रवादी संगठनों के साथ-साथ उनके गुटों, विंग और फ्रंट संगठनों को गैरकानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं।

इन उग्रवादी समूहों पर लगाया प्रतिबंध
गौरतलब है, गृह मंत्रालय ने 13 नवंबर को बताया था कि जिन समूहों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है उनमें- पीपुल्स लिबरेशन (PLA) और इसकी राजनीतिक शाखा, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) और इसकी आर्म्ड फोर्स मणिपुर पीपुल्स आर्मी (MPA), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (PREPAK) और इसकी आर्म्ड फोर्स, कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KPC) और इसकी आर्म्ड फोर्स रेड आर्मी, कांगलेई याओल कनबा लुप (YKL), समन्वय समिति (कोरकॉम) और एलायंस फॉर सोशलिस्ट यूनिटी कांगलेइपाक (ASUK) शामिल हैं।
विज्ञापन


इन पर प्रतिबंध बढ़ा
पीएलए, यूएनएलएफ,पीआरईपीएके, केसीपी, केवाईकेएल पर कई साल पहले गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गृह मंत्रालय ने प्रतिबंध लगाया था। नई कार्रवाई में इन पर लगा प्रतिबंध पांच साल तक बढ़ा दिया है। अन्य संगठनों के गैरकानूनी घोषित होने का एलान ताजा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें