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सफल रहा 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार वाले रेल इंजन का ट्रायल रन

Tue, 14 Feb 2017 08:12 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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ट्रेन इंजन ट्रायल
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मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ने दो सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से चलने वाले इंजन का पहला ट्रायल रन कर लिया है। जल्द ही बारह हजार अश्व शक्ति वाले 19 इंजन भारतीय रेलवे के बेड़े में शामिल होंगे। इस इंजन का ट्रायल जर्मनी के सहयोग से किया गया है। इसके बाद यह इंजन जर्मनी की तकनीक पर बिहार के मधेपुरा में रेल इंजन फैक्ट्री में तैयार किये जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार डबल अश्व शक्ति वाले एक हजार इंजन जर्मनी की तकनीक पर बनाए जाएंगे। अभी तक रेलवे के बेड़े में महज छह हजार अश्व शक्ति वाला ही इंजन है। इस इंजन के सहारे यात्री ट्रेन औसत 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है। जर्मन तकनीक पर आधारित इस इंजन से औसत रफ्तार 80-90 प्रति किमी करने की योजना है।
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बता दें कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने व ज्यादा कोच वाली ट्रेन चलाने के लिए रेलवे इन दिनों कई ट्रेनों में जरूरत पड़ने पर एक ही ट्रेन में दो-दो इंजन जोड़कर चला रहा है। इसी तरह मालगाड़ी भी दो इंजनों के सहारे चल रही है। लेकिन अब एक ही इंजन ज्यादा से ज्यादा माल वाहक बन सकेगा व ज्यादा से ज्यादा कोच लेकर पूरी ताकत के साथ दो सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ सकेगा। 
 

 
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भारतीय रेलवे के बेड़े में इंजनों की संख्या

रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार 12 हजार अश्व शक्ति वाले एक हजार इंजन तैयार करने का निर्णय रेलवे ने लिया है। यह इंजन डीजल व इलेक्ट्रिक दोनों होंगे। डेडिकेटेट फ्रेट कॉरीडोर तैयार होने के बाद इसे मालगाड़ी में भी प्रयोग किया जाएगा। इस कॉरीडोर पर मालगाड़ी को शिफ्ट करने के बाद ट्रैक भी खाली हो जाएगा। लिहाजा इस इंजन का प्रयोग एक्सप्रेस ट्रेन में करके यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ाने की योजना रेलवे की है। 

भारतीय रेलवे के पास इन दिनों 10,773 इंजन है। इनमें इलेक्ट्रिक 5,016, डीजल इंजन 5,714 और भाप इंजन 43 है। इनमें सबसे अधिक 600 अश्व शक्ति वाले इंजन है। अगले साल तक जर्मनी के सहयोग से 19 इंजन और भारतीय रेलवे के बेड़े में जुड़ जाएंगे। 
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