जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया में अलग-अलग पारिस्थितिक तंत्रों को अलग अलग तरह से प्रभावित कर रहा है। ऊंचे पहाड़ भी इससे सुरक्षित नहीं है। बढ़ते तापमान के साथ पहाड़ों पर मौजूद वृक्ष अब पहले से अधिक ऊंचाई की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। यानी पर्वतीय ट्री लाइन अब ऊंचाई की ओर शिफ्ट हो रही है। भूमि द्रव्यमान की ऊंचाई या ऊंचाई में वृद्धि भी ठंडी जलवायु का निर्माण करती है। ऊंचाई में वृद्धि का मतलब है हवा का पतला होना।
इससे वातावरण गर्मी को अवशोषित करने और बनाए रखने में कम सक्षम हो जाता है। इस बारे में चीन की साउदर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों द्वारा किए नए अध्ययन से पता चला है कि पर्वतीय ट्री लाइन (वृक्ष रेखा) औसतन हर साल चार फुट (1.2 मीटर) की दर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो रही हैं। पेड़ों के ऊंचाई की ओर स्थानांतरित होने की यह प्रवृत्ति उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कहीं ज्यादा है, जहां वो हर साल 10.2 फुट की दर से ऊपर बढ़ रहे हैं।
243 से अधिक पर्वत शृंखलाओं पर अध्ययन
जर्नल ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दुनिया भर में 243 से अधिक पर्वत शृंखलाओं पर 10 लाख किलोमीटर क्षेत्र में पर्वतीय ट्री लाइन में आते बदलावों का अध्ययन किया है। इसके लिए उन्होंने उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों की मदद ली है।