देश के अलग-अलग राज्यों में सभी प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आयुष का अलग भवन होगा। प्रस्तावित एम्स में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ मरीजों को परंपरागत और योग से भी मरीजों के इलाज की सुविधा होगी। वर्तमान में चल रहे दिल्ली के अलावा अलग अलग राज्यों के छह एम्स में भी आयुर्वेद और योग से इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ समय से देश में योग और परंपरागत चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने की बात की जा रही है और इसके लिए वैज्ञानिक आधार को और मजबूत करने के लिए शोध भी किए जा रहे हैं। लिहाजा फैसला लिया गया है कि देश के अलग-अलग राज्यों में प्रस्तावित सभी 12 एम्स में आयुष का एक अलग से भवन होगा जहां मरीजों को परंपरागत चिकित्सा पद्धति का लाभ मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान आयुष का अलग से भवन तैयार किया जाएगा।
फेज दो से फेज पांच तक देश में 12 एम्स तैयार हो जाएंगे। वर्तमान में दिल्ली एम्स सहित छह एम्स काम कर रहे हैं। फेज दो से पांच तक में जम्मू-कश्मीर में दो एम्स, आन्ध्र प्रदेश के मंगलापुरी में एक एम्स, असम के गुवाहाटी में एक एम्स, बिहार में पटना के अलावा एक अन्य एम्स प्रस्तावित है लेकिन बिहार सरकार की ओर से अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है।
पांचवे फेज में हिमाचल प्रदेश में एक एम्स का प्रस्ताव है, महाराष्ट्र के नागपुर, पंजाब के भटिंडा, एक एम्स का प्रस्ताव तमिलनाडू में है, उत्तर प्रदेश के रायबरेली और गोरखपुर में एक-एक एम्स प्रस्तावित है इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एक एम्स का प्रस्ताव है। ज्यादातर प्रस्तावित एम्स में काम शुरू कर दिया गया है।