सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के तहत अब अब हर तरह के कैंसर के मरीजों का भी इलाज हो पाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत चल रहे उपचार पैकेज की कीमतों में भी 10 से 60 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) और टाटा मेमोरियल अस्पताल के विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी) में बढ़ोतरी कर दी गई है।
एनएचए के अनुसार, इसके तहत मिलने वाले 270 तरह के उपचारों की कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा 237 तरह के नए उपचार पैकेज भी इसमें जोड़े गए हैं। 554 पैकेज की पुनरावृत्ति होने के चलते इस योजना से उन्हें हटा दिया गया है।
एनएचए के ही अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार पैकेज की संख्या भी 1393 से घटाकर 1076 कर दी गई है। लाभार्थियों को पहले मिलने वाले 1393 पैकेज में 1083 सर्जिकल और 309 मेडिकल के पैकेज थे। एक पैकेज में अन्य पैकेज के तहत नहीं आने वाली बीमारियों का इलाज मिलता था। लेकिन अब नई सूची में इसमें बदलाव देखने को मिलेगा।
हालांकि प्राधिकरण के सीईओ डॉ. इंदुभूषण ने कहा कि पैकेज में कमी या बढ़ोत्तरी से लाभार्थियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार का मकसद कम पैकेज में ज्यादा उपचार सुविधा देना है। देश के 50 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को सालाना पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है।
इसके अलावा पहली बार स्वास्थ्य बीमा योजना में हर बीमारी को एक खास कोड देने के लिए इंटरनेटशनल क्लासिफिकेशन ऑफ हेल्थ इन्टर्वेन्शन (आईसीएचआई) सिस्टम को जोड़ा गया है। इस सिस्टम को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिकित्सीय प्रक्रिया को एक खास कोड देने के लिए बनाया था।