भारतीय रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में विस्टाडोम कोच लगाने की शुरुआत की है। ये कोच यूरोपीयन शैली के हैं। इनमें यात्रियों को आरामदायक और हाईटेक सुविधाएं मिल रही हैं। रेलवे ने इन कोच का वीडियो जारी कर उनमें मिलने वाली सुविधाओं से रूबरू कराया है। इन कोचों का निर्माण चेन्नई की एकीकृत कोच फैक्ट्री में किया गया है। इन कोचों में यात्रियों को आराम व अत्याधुनिक सुविधाएं तो मिलती ही हैं, वे रास्ते के प्राकृतिक नजारा भी अच्छे से देख सकेंगे।
रेलवे ने अपने ट्वीट में लिखा है कि विस्टाडोम कोच का करें अवलोकन। कोच में सफर आपके अनुभव को काफी अलग बनाता है। विस्टाडोम के डिब्बों में सवारी का आनंद लें और यात्रा के अनुभव को यादगार बनाएं। इन कोचों की सीटें 180 डिग्री तक घूम सकती हैं। ये ट्रेन की दिशा के हिसाब से घुमाई जा सकती हैं।
ये हैं विस्टाडोम कोच की खासियतें
- कोचों में बड़ी कांच की खिड़कियां लगी हैं। कांच की छत, ऑब्जरवेशन लाउंज की सुविधा है। रोटेशनल सीटें हैं।
- कोच में वाई-फाई-आधारित यात्री सूचना प्रणाली भी दी गई है।
- खिड़कियों को ग्लास शीट से लेमिनेट किया गया है। इससे ये टूटने से बच सकेंगी।
- कोच में एयर-स्प्रिंग सस्पेंशन की भी सुविधा है। ऑब्जरवेशन लाउंज में बड़ी खिड़की दी गई है।
- हर यात्री की सीट के नीचे मोबाइल चार्जिंग पाइंट दिए गए हैं।
- डिजिटल डिस्प्ले और स्पीकर की भी सुविधा है। पसंद के गाने सुन सकते हैं।
- कोच में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर लगाए गए हैं।
- जीपीएस सिस्टम, सन-इन टाइप एलईडी डेस्टिनेशन बोर्ड, स्टेनलैस स्टील मल्टी-टियर लगेज रैक रहेंगे।
- रिफ्रेशमेंट के लिए मिनी पैंट्री, माइक्रोवेव अवन, कॉफी मेकर, वॉटर कूलर, रेफ्रिजरेटर और वॉश बेसिन की सुविधा रहेगी।
- चलती ट्रेन में निगरानी के लिए नए कोच ऑनबोर्ड सर्विलांस के लिए एक सीसीटीवी प्रणाली से भी लैस हैं।
- कोच का इंटीरियर भी काफी अच्छा है। एफआरपी मॉड्यूलर टॉयलेट्स हैं
इन मार्गों पर अभी हो रहा इस्तेमाल
ये कोच अभी रेलवे चुनिंदा मार्गों पर चला रहा है। इनमें दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरि माउंटेन रेलवे, कांगड़ा वैली रेलवे, कश्मीर घाटी, कालका-शिमला रेलवे, मुंबई में दादर के बीच माथेरान हिल रेलवे शामिल हैं।
पीएम मोदी ने की थी तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटेग्रल कोच फैक्टरी में बने नए विस्टाडोम कोच की तारीफ करते हुए कहा, इन कोच में यात्रियों को मिलने वाली आरामदायक सुविधाएं ट्रेन यात्रा को और यादगार बना देगी। गत वर्ष दिसंबर में इन कोच का 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल रन पूरा किया था। इसके बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इन कोचों की तस्वीर ट्विटर पर पेश की। इस पर पीएम ने ट्वीट किया, आराम और अत्याधुनिक तकनीक। ट्रेन के सफर को और यादगार बना देंगे।