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बदलाव: गांव-गांव पहुंचा एआई, बैठकों में लगा रहा हाजिरी...चर्चाएं हो रहीं रिकॉर्ड; ग्राम पंचायतों में इस्तेमाल

Wed, 31 Dec 2025 06:19 AM IST
पवन पांडेय महेन्द्र तिवारी, अमर उजाला, जम्मू

सार

इंटेलिजेंट टूल एआई का इस्तेमाल कर इन ग्राम पंचायतों की बैठकों में आए लोगों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इनमें होने वाली चर्चाओं को आवश्यकतानुसार हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में वीडियो व ऑडियो प्रारूप में रिकॉर्ड किया जा रहा है। बैठक में जो कुछ बोला जा रहा है उसे इच्छित भाषा में यह टूल हूबहू लिख रहा (ट्रांसस्क्रिप्ट) है।
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सांकेतिक तस्वीर(AI) - फोटो : freepik
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विस्तार
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देश नए साल की फरवरी में कृत्रिम बुदि्धमत्ता (एआई) प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की तैयारियां कर रहा है। इस बीच गांवों में एआई के विस्तार और अपने कामकाज का हिस्सा बनाने को लेकर एक उत्साहवर्धक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार पंचायतीराज मंत्रालय ने त्रिस्तरीय ग्रामीण पंचायतों के कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए इसी साल 15 अगस्त से 'सभासार' नाम के एक एआई टूल का प्रयोग शुरू किया है। इसके लिए त्रिपुरा की समस्त ग्राम पंचायतों को पायलट प्रयोग के लिए चुना गया।
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प्रयोग की सफलता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि त्रिपुरा की 1,194 में से 1,147 ग्राम पंचायतों के साथ देश की 12,667 ग्राम पंचायतों ने इस दिन सफलतापूर्वक एआई का उपयोग किया। तीन दिसंबर तक देश की करीब 2,66,940 ग्राम पंचायतों में से लगभग 92,376 ने एआई के जरिए काम शुरू कर दिया। ये पंचायतें देश के 34 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की हैं
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सरकारी फॉर्मेट पर तैयार हो रहे मिनट्स
सरकारी फॉर्मेट में मीटिंग के मिनट्स तैयार कर रहा है। खास बात यह है कि पंचायतों की बैठकों में लिए गए जिन निर्णयों की जानकारी के लिए स्थानीय लोग लंबे समय तक परेशान रहते हैं, वे पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होने लगी हैं।

एआई अपनाने में हिचकिचाहट नहीं
अपनी पंचायत में एआई टूल अपनाने वाले यूपी के सर्वांगपुर ग्राम पंचायत के प्रधान उमापति त्रिपाठी बताते हैं कि सोशल मीडिया पर  लोग पहले से अतिसक्रिय हैं। ऐसे में जहां के प्रधान टेकसेवी हैं वहां एआई को अपनाने में हिचकिचाहट नहीं है। लेकिन, जहां कम पढ़े-लिखे प्रतिनिधि हैं या तकनीक के प्रति असहजता है, वहां इसके लिए अभी प्रयास की जरूरत होगी। वह यह भी कहते हैं कि एआई का प्रयोग अभी प्रारंभिक स्तर पर है, लिहाजा इसमें लगातार अपडेट की जरूरत होगी।
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आठ फीसदी से अधिक विकास दर हासिल करने के लिए अहम
नीति आयोग और नीति फ्रंटियर टेक हब की 'एआई फॉर विकसित भारत: द अपॉर्च्युनिटी फॉर एक्सेलेरेटेड इकनॉमिक ग्रोथ' रिपोर्ट के अनुसार एआई को अपनाने तथा शोध व नवाचार से 2035 तक देश की अनुमानित जीडीपी 83 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम रिपोर्ट में बताते हैं कि एआई देश की 8% से अधिक की विकास दर हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऐसे में देश की 2.66 लाख ग्रामीण पंचायतें एआई के जरिये काम में तेजी, पारदर्शिता और समयबद्धता लाकर इस लक्ष्य को हासिल कर सकती है। 

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