ट्रेन में गोलीकांड का आरोपी सिपाही
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ट्रेन गोलीकांड के आरोपी चेतन सिंह चौधरी को आरपीएफ ने बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि चेतन सिंह चौधरी पर ट्रेन में सफर के दौरान अपने वरिष्ठ अधिकारी और तीन अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। चेतन सिंह चौधरी पर अनुशासनहीनता के तीन अन्य मामले भी हैं, जिनमें एक मुस्लिम व्यक्ति को साल 2017 में प्रताड़ित करने का भी आरोप है। खबर के अनुसार, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर ने सोमवार को चेतन सिंह चौधरी को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल की मानसिक हालत खराब
इस बीच, रेलवे सुरक्षा बल के बर्खास्त कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी के वकीन ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसे कुछ भी याद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चेतन खाना भी कभी-कभार ही खाता है। दरअसल, वकील अमित मिश्रा मामले पर चर्चा करने के लिए आरोपी कॉस्टेबल से मिलने ठाणे की जेल में पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने इस बारे में जानकारी दी।
वकील मिश्रा ने कहा कि उन्हें घटना, अपनी गिरफ्तारी या अपनी हिरासत के बारे में कुछ भी याद नहीं है। चौधरी की मानसिक स्थिति खराब है जिसके कारण जेल हिरासत में उनकी निगरानी और सुरक्षा करने वाले कर्मचारी भी चिंतित हैं। वकील ने दावा किया कि चेतन सिंह चौधरी के साथ आए जेल कर्मियों ने बकाया कि उसका व्यवहार बहुत असामान्य है और वह गहरे सदमे में हैं।
अनुशासनहीनता का था आरोपी
आरोपी चेतन सिंह चौधरी साल 2017 में आरपीएफ की डॉग स्कवॉड में शामिल हुआ था। चेतन सिंह पर आरोप है कि 2017 में उज्जैन में जब एक मुस्लिम व्यक्ति को आरपीएफ ने पकड़ा था तो चेतन सिंह ने बिना किसी कारण उस व्यक्ति को प्रताड़ित किया था। वहीं गुजरात में तैनाती के दौरान चौधरी ने एक सहयोगी के साथ मारपीट की थी। वहीं एक अन्य घटना में चेतन सिंह ने अपने साथी के एटीएम से पैसे निकाल लिए थे। अधिकारियों ने बताया कि चेतन सिंह को बर्खास्त करने का फैसला रेल में गोलीबारी की वजह से लिया गया है, जिसमें तीन यात्रियों समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि बीती 31 जुलाई को चेतन सिंह चौधरी ने जयपुर मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर के दौरान पालघर स्टेशन के आसपास अपने वरिष्ठ अधिकारी टीकाराम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ट्रेन में गोलीबारी की वजह अभी तक साफ नहीं
मारे गए यात्रियों की पहचान अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला, सैयद सैफुद्दीन और असगर अब्बास शेख के रूप में हुई। ये तीनों ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में सफर कर रहे थे। चौधरी को बाद में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। हत्याकांड के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं है। आरोपी चेतन ने पहले आरपीएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर टेकराम मीणा और एक यात्री को बी5 कोच में अपनी सर्विस गन से गोली मारी। इसके बाद आरोपी ने पेंट्रीकार और एस6 कोच में सफर कर रहे अन्य यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी चेतन सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।