अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मुकेश अघी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वॉशिंगटन दौरे के दौरान भू-राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने, तकनीकी हस्तांतरण और अवैध प्रवास के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर साझा लक्ष्यों पर नई दिल्ली-वॉशिंगटन में तालमेल बना रहता है, तो यह दोनों की अर्थव्यवस्थाओं के विकास में मदद करेगी।
अघी ने कहा, यह अहम यात्रा होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भू-राजनीतिक संबंध मजबूत बने रहें। व्यापारिक संबंधों के लिए दोनों देशों का तालमेल महत्वपूर्ण होगा। आर्थिक एजेंडा और तकनीकी हस्तांतरण पर फोकस रना भी जरूरी होगा और निश्चित रूप से अवैध प्रवास के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा, यह जरूरी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलें ताकि दोनों देशों के साझा लक्ष्यों पर समझ बनी रहे और दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जा सके। यह दौरा इस बारे में है कि दोनों देशों के संबंधों को किस दिशा में ले जाना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरे के दौरान व्यापार एक बड़ा मुद्दा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यापारिक साझेदारी भी स्थापित हो सकती है।
'हथकड़ी और बेड़ी नहीं पहनाई जानी चाहिए थी'
अघी ने अमेरिका से भारतीयों को निर्वासित किए जाने के दौरान उनके साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, हथकड़ी और बेड़ी नहीं पहनानी चाहिए थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और किसी के साथ भी अलग व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि उन्हें हथकड़ी और बेड़ी नहीं पहनाई जानी चाहिए , जब वे यात्रा कर रहे हों, लेकिकन आपको यह समझना होगा कि सबके लिए एक कानून है। इसका एक उदाहरण स्ट्रॉस-काहन हैं, जो आईएमएफ के प्रमुख थे। उन्हें न्यूयॉर्क शहर में गिरफ्तार किया गया था और वह फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़े थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया और हाथ में हथकड़ी लगी थी। क्यों? क्योंकि यह कानून में है।
अमेरिका के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 और 13 फरवरी को अमेरिका का दौरा करेंगे। इस दौरान वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे और अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करेंगे। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पहला अमेरिका दौरा होगा। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने के तीन हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व को दर्शाता है।
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