केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को भारत की यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए भारत यात्रा वर्ष-2023 (Visit India Year 2023) अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद वर्तमान में जी-20 की अध्यक्षता कर रहे देश में यात्रा को प्रोत्साहित करना है।
प्रतीक चिह्न का भी किया अनावरण
मंत्री ने अभियान के प्रतीक चिह्न का भी अनावरण किया जो ‘नमस्ते’ की छवि से प्रेरित है। प्रतीक चिह्न अनगिनत कहानियों के एक सूक्ष्म जगत वाले भारत को दिखाता है। यह देश की विरासत से लेकर दिव्य भोजन करने की हमारी कला और हमारे समृद्ध वन्य जीवन के साथ-साथ 'अतिथि देवो भव' के दर्शन को आत्मसात करता है। प्रतीक चिह्न में भारत की विरासत के तत्वों, इसके स्मारकों को दर्शाया गया है। साथ ही अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में भारत की आधुनिक उपलब्धियों को भी दर्शाया गया है। इसमें प्रतिष्ठित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी शामिल है।
जी-20 की अध्यक्षता देश के पर्यटन क्षेत्र को उजागर करने का एक शानदार अवसर
पर्यटन मंत्रालय ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता देश के पर्यटन क्षेत्र की विशिष्टताओं को उजागर करने का एक शानदार अवसर प्रदान करती है। भारत यात्रा वर्ष-2023 अभियान पर्यटन मंत्रालय की एक पहल है। भारत का दौरा करने वाले प्रतिनिधियों को ‘अतुल्य भारत’ दिखाने से लेकर 2023 में देश को अपनी अध्यक्षता के दौरान एक प्रमुख यात्रा गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए जी-20 केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का फोकस क्षेत्र होगा।
भारत ने एक दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान साल भर 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसका समापन 9-10 सितंबर को वार्षिक जी-20 शिखर सम्मेलन के साथ होगा। इस दौरान पर्यटन मंत्रालय अपना कदम आगे बढ़ाने और विभिन्न देशों के मेहमानों को भारत की सांस्कृतिक विरासत और पकवान की विविधता दिखाने के लिए तैयार है।
रेड्डी ने पर्यटन मंत्रालय के अभियान और उसके लोगो को लॉन्च करने के बाद कहा कि भारत के लिए यह साल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है और 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें होंगी। इस दौरान इस साल एक लाख से अधिक विदेशी प्रतिनिधि भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आने वाले प्रतिनिधियों को हमारे स्थलों, स्मारकों, संस्कृति, त्योहारों को प्रदर्शित करने का होगा। पर्यटन की दृष्टि से पूरे भारत में बहुत सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसा माहौल बने कि प्रत्येक विदेशी प्रतिनिधि भारत का सांस्कृतिक दूत बनकर वापस जाए, यही हमारे प्रधानमंत्री का विजन है।
पर्यटन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह एक साल के भीतर पर्यटन के विकास को प्रभावित करने वाले बुनियादी ढांचे और अन्य ढांचे की स्थितियों में सुधार करने के लिए उल्लेखनीय प्रगति करने के लिए तैयार है। बयान में आगे कहा गया है कि मंत्रालय के प्रयासों और पर्यटन क्षेत्र की आवश्यकताओं में तालमेल बैठाने के लिए पर्यटन मंत्रालय सभी प्रासंगिक मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों, साझेदारों, यात्रा और व्यापार उद्योग, राज्य सरकारों और पर्यटन बोर्डों और प्रमुख हितधारकों के साथ काम कर रहा है।