धूम्रपान किसी भी उम्र में छोड़ा जा सकता है। इसके फायदे हर उम्र में सामने आते हैं। टोरंटो विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं की ओर से किए अध्ययन के अनुसार जो लोग धूम्रपान छोड़ते हैं उन्हें कुछ वर्षों बाद ही जीवन प्रत्याशा में बड़ा लाभ मिलता है।
जर्नल एनईजेएम एविडेंस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, जो लोग 40 की उम्र से पहले धूम्रपान छोड़ देते हैं, उनके जीवित रहने की संभावना लगभग उन लोगों जितनी ही होती है, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। इसी तरह जो लोग किसी भी उम्र में धूम्रपान छोड़ देते हैं तो अगले 10 वर्षों बाद उनकी जीवन प्रत्याशा करीब-करीब उन लोगों के बराबर हो जाती है, जिन्होंने कभी भी धूम्रपान नहीं किया। मोटेतौर पर इसका आधा फायदा धूम्रपान छोड़ने के तीन वर्षों के बाद ही दिखने लगता है।
एक दिन बाद ही हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है कम
सिगरेट छोड़ने के सिर्फ एक दिन बाद हार्ट अटैक का खतरा कम होने लगता है और रक्तचाप नियंत्रित होने लगता है। धीरे-धीरे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ने लगता है। धूम्रपान छोड़ने के 12 घंटे के भीतर रक्त में कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है। छोड़ने के बाद दो सप्ताह से तीन महीने के भीतर रक्त प्रवाह में सुधार होता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।
एक से नौ माह में खांसी और सांस की तकलीफ में कमी
धूम्रपान छोड़ने के 1 से 9 महीने के भीतर खांसी व सांस की तकलीफ कम हो जाती है। एक साल में कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम कम हो जाता है। पांच वर्षों के भीतर मुंह, गले, अन्नप्रणाली और मूत्राशय के कैंसर का खतरा आधा हो जाता है। स्ट्रोक जोखिम दो से पांच वर्षों के बाद धूम्रपान न करने वाले के जोखिम तक कम हो सकता है।
15 लाख वयस्कों पर अध्ययन
यह अध्ययन अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और नॉर्वे के 15 लाख वयस्कों पर किया गया है। इन पर 15 वर्षों तक नजर रखी गई। कभी धूम्रपान न करने वालों की तुलना में 40 से 79 वर्ष की आयु के धूम्रपान करने वालों में मृत्यु का जोखिम करीब तीन गुना था। इस वजह से उनको अपने संभावित कुल जीवनकाल के औसतन 12 से 13 वर्षों का नुकसान झेलना पड़ा था।