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सुर्खियां: अमेरिकी बिल से भारत पर टैरिफ का खतरा; यूपीआई शुल्क पर जीएसटी भी; सर क्रीक पर पाक की नापाक चाल

Thu, 17 Sep 2026 05:50 AM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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आज की अहम खबरें - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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आज गुरुवार, 17 सितंबर 2026 की सुबह देश-दुनिया की बड़ी खबरों के साथ आपका अमर उजाला एक बार फिर से हाजिर है। आज की सबसे पहली और बड़ी खबर अमेरिका से है, जहां रूस पर शिकंजा कसने वाला एक नया कड़ा बिल अमेरिकी संसद से पास हो गया है, जिससे भारत और चीन के उत्पादों पर 100% तक भारी-भरकम टैरिफ लगने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पश्चिम बंगाल की राजनीति की बात करें तो तृणमूल कांग्रेस के भीतर छिड़े अंदरूनी घमासान में ममता और ऋतब्रत गुट की आज चुनाव आयोग के सामने पेशी होनी है, जिसे बंगाल उपचुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा है। देश की सरहद से सुरक्षा को लेकर चिंताजनक खबर आई है, जहां गुजरात के सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान ने ड्रोन और होवरक्राफ्ट तैनात करके अपनी तैयारी बढ़ा दी है, जिससे भारतीय सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। आम जनता और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी बड़ी खबर यह है कि सरकार ने 0.4% एमडीआर पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है, और केंद्र ने स्पष्ट किया है कि यह नियम लागू रहेगा। पर्यावरण के मोर्चे पर पहाड़ों से डरावने आंकड़े सामने आए हैं, जहां समुद्र तल से 3500 मीटर ऊंचे लेह की हवा में ओजोन का खतरा बढ़ गया है और वहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है, जिससे साबित होता है कि हिमालय भी अब प्रदूषण की मार से अछूता नहीं है। कॉरपोरेट और रोजगार क्षेत्र की एक लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि कंपनियों में एआई के इस्तेमाल से उत्पादकता तो बढ़ रही है, लेकिन कर्मचारियों में नौकरी जाने का खौफ भी लगातार गहरा रहा है। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़ा अपडेट है कि एनएसई का 22,569 करोड़ रुपये का मेगा आईपीओ आ रहा है, जिसमें पैसा लगाने से पहले जानकारों ने जोखिम और गणित को अच्छी तरह समझने की सलाह दी है। तकनीक की दुनिया से चीन की एक हैरान कर देने वाली खबर आई है, जहां चीन ने दुनिया की पहली ऐसी फैक्ट्री बनाने का दावा किया है जहां रोबोट ही रोबोट का निर्माण कर रहे हैं और हर 10 मिनट में एक नया रोबोट बनकर तैयार हो रहा है। डिजिटल पेमेंट पर टैक्स के फैसले का असर अब सरजमीं पर दिखने लगा है, जहां सरकार के फैसले से नाराज दिल्ली के बाजारों में व्यापारियों ने यूपीआई लेने से परहेज शुरू कर दिया है और दुकानों पर 'केवल नकद' के पोस्टर चिपका दिए हैं। और बुलेटिन के अंत में सेहत से जुड़ी एक बड़ी चेतावनी है, जहां मेडिकल विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि हवा में घुला जहर इंसानी दिमाग पर गहरा असर डाल रहा है और जहरीला वायु प्रदूषण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाकर आत्मघाती विचारों को बढ़ा रहा है। देश-दुनिया की ये सभी बड़ी खबरें विस्तार से पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक में...
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रूस पर शिकंजा कसने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास: भारत-चीन पर 100% तक टैरिफ का खतरा; क्या है मामला?

भारत पर फिर टैरिफ लगाएगा अमेरिका? - फोटो : Amar Ujala Graphics
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को रूस और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े विधेयक को मंजूरी दे दी। 262 सांसदों ने इसके पक्ष में और 159 ने विरोध में मतदान किया। 61 पन्नों वाले इस विधेयक को अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। यह विधेयक पिछले महीने अमेरिकी सीनेट में भी 86-11 वोटों से पारित हो चुका है। इसका नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 रखा गया है। यह नाम जुलाई में अप्रत्याशित रूप से दिवंगत हुए सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में रखा गया है, जो रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के प्रमुख समर्थकों में रहे थे। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

टीएमसी का घमासान: ममता और ऋतब्रत गुट की आज चुनाव आयोग के सामने पेशी, बंगाल उपचुनाव से पहले सुनवाई क्यों अहम?

टीएमसी चुनाव चिह्न विवाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/AdobeStock
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संगठनात्मक नियंत्रण और उसके 'जोड़ा घास फूल' चुनाव चिह्न को लेकर चल रही लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। चुनाव आयोग गुरुवार को नई दिल्ली में ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों की अलग-अलग सुनवाई करेगा। सूत्रों के मुताबिक, ऋतब्रत के नेतृत्व वाला गुट दोपहर तीन बजे चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के सामने पेश होगा। इसके एक घंटे बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट आयोग के सामने अपनी बात रखेगा। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

सर क्रीक पर पाकिस्तान की नई चाल, ड्रोन-होवरक्राफ्ट से बढ़ाई तैयारी; भारत के लिए क्यों बढ़ी चुनौती?

पाकिस्तान की साजिश - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
पाकिस्तान गुजरात से सटे सर क्रीक और सिंध के तटीय इलाकों में अपनी सैन्य तैयारियों को चुपचाप धार दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में इस इलाके में पाकिस्तान ने अपनी एम्फीबियस (जल और थल) युद्धक क्षमताओं को तेजी से मजबूत किया है। दलदली पानी में चलने वाले विशेष होवरक्राफ्ट की तैनाती, नए ड्रोन प्रोजेक्ट और तीनों सेनाओं के बड़े युद्धाभ्यास यह बताते हैं कि पाकिस्तान इस जलीय और दुर्गम इलाके को भारत के खिलाफ एक नए मोर्चे के रूप में विकसित करने की जुगत में है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

यूपीआई शुल्क: 0.4% एमडीआर पर लगेगा 18 फीसदी जीएसटी भी; केंद्र ने कहा- वापस नहीं लेंगे फैसला

सरकार बोली-फैसला वापस नहीं होगा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपीआई के जरिये 2000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। कारोबारी संगठनों ने सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि फैसला वापस नहीं होगा। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

लेह की हवा में घुला ओजोन का खतरा: 3500 मीटर की ऊंचाई पर एक्यूआई 300, क्या हिमालय भी प्रदूषण से अछूता नहीं!

1 - फोटो : अमर उजाला

लद्दाख की पहचान दुनिया के उन पर्यटन स्थलों में होती है जहां खुला आसमान, विरल आबादी और ऊंचे पहाड़ अपेक्षाकृत साफ हवा का अहसास कराते हैं। लेकिन 16 सितंबर 2026 के आंकड़े इस धारणा को चुनौती देने वाला संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार लेह में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी है। 15 सितंबर को यह 205 था। यानी एक दिन में 95 अंक की वृद्धि हुई। खास बात यह है कि उपलब्ध आंकड़ों में ओजोन प्रमुख प्रदूषकों में शामिल रही। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...

रिपोर्ट: एआई से बढ़ रही उत्पादकता, पर कर्मियों में नौकरी जाने का खौफ भी; कंपनियों में नीतियों की क्या कमी?

एआई का बढ़ता दबाव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने भले ही काम को बेहद आसान बना दिया हो और कर्मचारियों के औसतन 2.3 घंटे प्रतिदिन बचाए हों लेकिन इससे कार्यस्थलों पर अनिश्चितता और भय का माहौल भी बन रहा है। गो टू और वर्कप्लेस इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 83% कर्मचारियों को डर है कि एआई-संबंधित गलती के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नौकरी से निकाला जा सकता है। इसलिए लगभग 31% कर्मचारी एआई के इस्तेमाल में संकोच करते हैं। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

एनएसई आईपीओ: 22,569 करोड़ के ऑफर में कमाई का मौका या बड़ा जोखिम? पैसा लगाने से पहले समझें गणित

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) का सार्वजनिक निर्गम खुदरा निवेशकों के लिए आज से खुलेगा। यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट के कारण कैपिटल मार्केट फर्मों को लेकर निवेशकों में सतर्कता का माहौल है, जिसका असर पहले ही ऑफर प्राइस पर पड़ चुका है। एनएसई आईपीओ का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित कमाई के करीब 35 से 38 गुना के बराबर है। यह वैश्विक एक्सचेंज ऑपरेटरों के मुकाबले कहीं अधिक है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

तकनीक: रोबोट ही बना रहे रोबोट, हर 10 मिनट में एक हो रहा तैयार; चीन में दुनिया की पहली फैक्ट्री होने का दावा

रोबोट ही बना रहे दूसरे रोबोट - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के कारण नौकरियां कम होने के मुद्दे पर जारी विमर्श के बीच चीन से प्रौद्योगिक विकास की नई तस्वीर आई है। यहां रोबोट ही दूसरे रोबोट के निर्माण में मदद कर रहे हैं। यूबीटेक रोबोटिक्स ने यहां एक नई ह्यूमनॉइड रोबोट फैक्ट्री खोली है। इसकी उत्पादन क्षमता 10 हजार प्रति वर्ष है। दावा है कि इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता वाली यह दुनिया की पहली फैक्ट्री है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 

बाजारों में यूपीआई पर ब्रेक: सरकार के फैसले से दिल्ली के व्यापारी नाराज, दुकानों पर लगे 'केवल नकद' के पोस्टर

1 - फोटो : अमर उजाला

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 15 अक्तूबर से 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने के एलान से दिल्ली के व्यापारियों में नाराजगी है। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, लक्ष्मी नगर और कृष्णा नगर समेत कई बाजारों में दुकानदारों ने यूपीआई भुगतान लेने से इन्कार करना शुरू कर दिया है। कुछ दुकानों पर ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करने की सूचना वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबार में पहले ही मुनाफे का मार्जिन सीमित है और भुगतान व्यवस्था की अतिरिक्त लागत से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...

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हवा में घुला जहर दिमाग पर भी भारी: मानसिक स्वास्थ्य के लिए वायु प्रदूषण खतरनाक, बढ़ा रहा आत्मघाती विचार

वायु प्रदूषण का मानसिक स्वास्थ्य पर ्सर - फोटो : Amarujala.com/AI
वायु प्रदूषण का असर श्वसन तंत्र या दिल तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका बेहद घातक असर पड़ रहा है। एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से आत्महत्या के जोखिम, आत्महत्या के प्रयास और आत्मघाती विचारों में बढ़ोतरी हो सकती है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...
 
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