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सीमा विवाद पर सेना के शीर्ष अधिकारी करेंगे चर्चा, बल के समारोहों में कटौती पर भी बातचीत संभव

Mon, 19 Oct 2020 10:20 AM IST
अनवर अंसारी एएनआई, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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चीन के साथ जारी सीमा विवाद को लेकर सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच चर्चा होने जा रही है। मई महीने से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ तनाव जारी है। सर्दियों के मौसम और सीमा विवाद को देखते हुए भारतीय सेना एलएसी पर जवानों के लिए हथियार और राशन की व्यवस्था कर रही है। 

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चीन के साथ चल रहे संघर्ष और 13 लाख की संख्या वाले मजबूत बल में सुधार के प्रस्तावों पर अगले सप्ताह होने वाली सेना के कमांडरों के सम्मेलन में चर्चा की जाएगी। इस सम्मेलन का आयोजन 26 से 29 अक्तूबर के बीच किया जाएगा। 


सेना के सूत्रों ने बताया, चीन सीमा पर चल रही स्थिति, जम्मू और कश्मीर में संचालन और बल में किए जाने वाले सुधारों के लिए कई प्रस्तावों पर सम्मेलन के दौरान चर्चा होने की उम्मीद है। करीब छह महीने से भारत चीन के साथ सैन्य गतिरोध में उलझा हुआ है। 
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इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं, भारतीय पक्ष ने किसी भी संभावित चीनी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए सैनिकों और हथियारों की तैनाती में वृद्धि की है। 

बताया गया है कि दोनों देशों के बीच एक बार फिर कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता हो सकती है, जिसमें सीमा विवाद को लेकर चर्चा की जाएगी। हालांकि, भारतीय पक्ष अभी चीन की तरफ से इस वार्ता के लिए तारीखों का इंतजार कर रहा है। 

कई बार ऐसे भी मौके आए हैं, जब चीनी पक्ष ने सीमा विवाद को सुलझाने को लेकर होने वाली निर्धारित बैठक के लिए 12 से 14 घंटे पहले भारतीय पक्ष को जानकारी दी है। हालांकि, भारत ने चीन को बता दिया है कि बैठक तय करने के लिए कम से कम 36 से 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। 

गौरतलब है कि चीनी वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सभी विवादित स्थलों को लेकर बातचीत जारी रखने के लिए अनिच्छा दिखा रहे थे, लेकिन अब कठोर सर्दियों को देखते हुए स्थिति बदल गई है। 

माना जा रहा है कि कमांडरों के सम्मेलन के दौरान रंग प्रस्तुति, रेजिमेंटल पुनर्मिलन और स्थापना दिवस जैसे समारोहों के खर्च में कटौती करने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में इन मुद्दों को उठाए जाने की उम्मीद है। सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच यह भावना है कि इन समारोहों पर एक महत्वपूर्ण राशि खर्च की जाती है और इस तरह के आयोजनों की संख्या में कमी लाई जानी चाहिए। 

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