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मुलाकात: एनसीपी के टूटने के बाद पहली बार शरद पवार से मिले छगन भुजबल, मराठा आरक्षण समेत इन मुद्दों पर हुई बात

Mon, 15 Jul 2024 07:52 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) प्रमुख से मुलाकात की। भुजबल ने शरद पवार से कहा कि अगर सभी पार्टियां एकजुट हो जाएं तो मराठा और ओबीसी आरक्षण पर चल रहे विवाद का हल निकाला जा सकता है। 
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छगन भुजबल और शरद पवार - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच एकनाथ शिंदे सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) प्रमुख से मुलाकात की। भुजबल ने शरद पवार से कहा कि अगर सभी पार्टियां एकजुट हो जाएं तो मराठा और ओबीसी आरक्षण पर चल रहे विवाद का हल निकाला जा सकता है।   

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एनसीपी के टूटने के बाद पहली मुलाकात
एनसीपी के दो भागों में विभाजित होने के बाद छगन भुजबल और शरद पवार के बीच यह पहली मुलाकात थी। शरद पवार से मुलाकात के बाद छगन भुजबल ने कहा ने कहा, ‘ गांवों में रहने वाले अलग अलग समुदाय के लोगों से शरद पवार भली भांति परिचित हैं। मैंने उनसे कहा है कि गांव में रहने वाले लोगों के बीच मराठा आरक्षण को लेकर विवाद चल रहा है। अगर सभी पार्टियों के नेता एकजुट होकर इस पर विचार करें, तो इस मामले का हल निकाला जा सकता है, वरना स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है। शरद पवार ने कहा है कि वे एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर कोई उपाय निकालेंगे।’

‘आरक्षण का हल निकालने के लिए पीएम मोदी से मिलने को तैयार’
छगन भुजबल ने आगे कहा कि वे आरक्षण के मुद्दे का हल निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात करने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि उन्होंने शरद पवार से आरक्षण के मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है क्योंकि वे (शरद पवार) राज्य के उन नेताओं में हैं, जो आरक्षण के मुद्दे से भली भांति परिचित हैं।   
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शरद पवार से आरक्षण के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग
छगन भुजबल ने कहा, ‘महाराष्ट्र के कई इलाकों में मराठा समुदाय और ओबीसी समुदाय के लोगों के मन में एक दूसरे को लेकर बुरे विचार हैं। यहां तक के वे, आरक्षण के मुद्दे पर विवाद की वजह से एक-दूसरे के घरों में जाने से भी कतरा रहे हैं। मैंने शरद पवार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है।’ जून महीने की शुरुआत में ही छगन भुजबल ने कहा था कि वे मराठा आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन, ओबीसी आरक्षण को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।

आपको बता दें कि जून महीने में मराठा आरक्षण की लड़ाई लड़ने वाले मनोज जरांगे ने अपना अनशन स्थगित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से मराठा समुदाय की मांगों को पूरा करने के लिए एक समयसीमा तय की थी। कई वर्षों से मनोज जरांगे मराठा समुदाय के लिए ओबीसी वर्ग के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

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