घुगे बने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
न्यायमूर्ति रविंद्र विठ्ठलराव घुगे ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह कोर्ट रूम नंबर एक में हुआ, जहां मुख्य न्यायाधीश की पीठ स्थित है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस समेत कई गणमान्य लोग समारोह में मौजूद रहे। न्यायमूर्ति घुगे के पदभार संभालने से कलकत्ता हाईकोर्ट को नया नेतृत्व मिला।
बॉम्बे हाईकोर्ट में रहा लंबा अनुभव
न्यायमूर्ति घुगे 21 जून 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे और एक जून 2026 को उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। 1990 में शाहाजी लॉ कॉलेज, कोल्हापुर और एमपी लॉ कॉलेज, औरंगाबाद से पांच वर्षीय कानून पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उन्होंने उसी वर्ष बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। उन्होंने श्रमिकों और यूनियनों से जुड़े करीब 2,000 मामलों में पैरवी की। बाद में करीब 250 उद्योगों के मामलों की पैरवी की, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल थीं।
छत्तीसगढ़-गुवाहाटी हाईकोर्ट में नई नियुक्तियां
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त किया है, जबकि गुवाहाटी हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता और एक न्यायिक अधिकारी को अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय के अनुसार, हाई कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाता है। आमतौर पर अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए होती है, जिसके बाद उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया जा सकता है।
6जी वायरलेस नेटवर्क के विकास परियोजना में भारत शामिल
भारत सुरक्षित 6जी वायरलेस नेटवर्क के विकास में तेजी लाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक साझेदारी में शामिल हो गया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, भारत अब अमेरिका और 24 अन्य देशों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीक के विकास और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। इस साझेदारी में ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत कई प्रमुख देश शामिल हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 6जी तकनीक के विकास से जुड़े देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और साझा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए अगली पीढ़ी के नेटवर्क का निर्माण करना है। 6जी को लेकर वैश्विक स्तर पर तैयारियां ऐसे समय में तेज हो रही हैं, जब मौजूदा 5जी नेटवर्क के बाद 2030 के दशक में नई तकनीक के इस्तेमाल में आने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने भाटी
न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। सक्सेना फिलहाल जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं, क्योंकि मौजूदा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा अवकाश पर हैं। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। केंद्र सरकार ने 5 सितंबर को न्यायमूर्ति भाटी की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। उन्होंने न्यायमूर्ति संजीव कुमार का स्थान लिया है, जो कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति भाटी को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इससे पहले वह राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। उनके पदभार संभालने के साथ हाईकोर्ट को नया स्थायी नेतृत्व मिला है।
नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में आदमी गिरफ्तार
अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में एक 50 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ और एक नाबालिग लड़के के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी 2 सितंबर को हुई थी। इटानगर कैपिटल रीजन के पुलिस अधीक्षक जुम्मर बसर ने बताया कि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। अरुणाचल प्रदेश महिला कल्याण सोसाइटी (एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस) ने इटानगर महिला पुलिस थाने की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की। सोसाइटी ने कहा कि यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसने पीड़ित बच्चों के लिए उचित काउंसलिंग, कानूनी सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। पुलिस और सोसाइटी ने लोगों से नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो साझा या प्रसारित न करने की अपील की।
पट्टिनपक्कम में सचिवालय का विरोध
पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से चेन्नई के पट्टिनपक्कम में प्रस्तावित नए सचिवालय परिसर की योजना छोड़ने की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 1,200 करोड़ रुपये की लागत से 20 लाख वर्गफुट में सचिवालय और विधानसभा परिसर बनाने की घोषणा की है, जो 26.36 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। अंबुमणि ने इसे दूरदर्शिता की कमी बताते हुए कहा कि सैंथोम हाई रोड और ग्रीनवेज रोड पहले से ही भारी यातायात दबाव में हैं। घनी आबादी, प्रमुख स्कूलों और सैंथोम चर्च के पास विशाल सरकारी परिसर बनने से यातायात व्यवस्था और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इतनी सीमित जमीन पर भविष्य की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होगा।
500-1,000 एकड़ में प्रशासनिक शहर की मांग
अंबुमणि ने सरकार से चेन्नई के बाहर 500 से 1,000 एकड़ में एकीकृत प्रशासनिक शहर विकसित करने की मांग की। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की 100 वर्षों की जरूरत पूरी करने वाली आधुनिक व्यवस्था की परिकल्पना तभी सफल होगी, जब पर्याप्त भूमि पर ग्रीनफील्ड परियोजना विकसित की जाए। प्रस्तावित प्रशासनिक शहर में सचिवालय, विधानसभा, विभागीय मुख्यालय और मुख्यमंत्री, मंत्रियों तथा अधिकारियों के आवास होने चाहिए। साथ ही मेट्रो कनेक्टिविटी, हेलीपैड, स्कूल, कॉलेज, खेल परिसर और व्यावसायिक केंद्र भी विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बड़े प्रशासनिक केंद्र के लिए पर्याप्त हरित क्षेत्र, पार्किंग, अग्निशमन केंद्र, आपात चिकित्सा सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था जरूरी है।
बीआरएस के कई विधायकों को स्पीकर ने किया निलंबित
तेलंगाना विधानसभा में बुधवार को मानसून सत्र के दौरान हंगामा करने पर बीआरएस के कई विधायकों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीआरएस सदस्य वेल में पहुंच गए और ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाने लगे। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने दो दिन पहले पार्टी की महिला विधायकों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी और कुछ सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं द्वारा बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की मौत की कथित कामना को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इन मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग की।
स्पीकर की अपील के बावजूद जारी रहा विरोध
बीआरएस विधायक बार-बार आग्रह के बावजूद अपनी सीटों पर लौटने को तैयार नहीं हुए। विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने उनसे कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। विक्रमार्क ने कहा कि उन्होंने और अन्य कांग्रेस नेताओं ने के. चंद्रशेखर राव के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की है। इसके बाद श्रीधर बाबू ने बीआरएस सदस्यों के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार करते हुए स्पीकर ने उन्हें मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
ब्रिक्स समिट के दौरान प्रशिक्षण संगठनों के उड़ान पर रोक
दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS-2026 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर DGCA ने उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों में उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (FTOs) की उड़ान गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। यह रोक 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक लागू रहेगी। DGCA के निर्देश के अनुसार, इस अवधि में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी FTO से कोई विमान उड़ान नहीं भर सकेगा। इसमें लाइट और माइक्रोलाइट विमान, हेलिकॉप्टर और हैंग ग्लाइडर भी शामिल हैं। DGCA ने बताया कि यह फैसला BRICS सम्मेलन के मद्देनजर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से लिया गया है।
दिल्ली के आसपास हवाई गतिविधियां भी प्रतिबंधित
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में लाइट व माइक्रोलाइट विमान, ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों समेत लंबी दूरी के हवाई उपकरणों के संचालन पर रोक रहेगी। वहीं, दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे में हैंग ग्लाइडर, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, एयरो-मॉडल और सभी प्रकार के ड्रोन जैसे छोटे दूरी वाले हवाई उपकरणों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। डायरेक्टोरेट ऑफ फ्लाइंग ट्रेनिंग ने इसे एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था बताते हुए सभी संबंधित संस्थानों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने और सहयोग करने को कहा है। 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा।