कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बार फिर विपक्षी एकजुटता की परख के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई है। बैठक के लिए जनता दल यूनाइटेड को भी न्योता भेजा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आश्वस्त हैं कि जदयू के प्रतिनिधित्व के साथ एक बार फिर 18 पार्टियां बैठक में शामिल होंगी।
बिहार में भले ही महागठबंधन टूट गया और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ सरकार बना ली हो, लेकिन कांग्रेस ने अभी जदयू को अपनी सूची से बाहर नहीं किया है। कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से सभी विपक्षी पार्टियों को आमंत्रित किया गया है।
कांग्रेस ने जदयू में किसे आमंत्रित किया गया है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। लेकिन एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि हमने जदयू को आमंत्रित किया है और जदयू नेता ही बैठक में मौजूद रहेंगे।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने राज्यसभा में जदयू नेता शरद यादव को आमंत्रित किया है। शरद यादव ने अपनी मंशा और बगावती तेवर भी दिखा दिए हैं। शरद यादव अब भी खुद को महागठबंधन के साथ बता रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल की मदद कर पार्टी से खुद का दावा न छोड़ने के भी संकेत दिए हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि 14 राज्यों के पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के साथ हैं। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस जदयू के नाम पर शरद यादव का समर्थन और रिश्ता जोड़कर चल रही है।