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चिंताजनक: हर साल तंबाकू उत्पादों से 1.7 लाख टन कचरा, मनुष्य के शरीर में जाते हैं हर वर्ष 82 हजार प्लास्टिक कण

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 01 Jun 2023 06:26 AM IST

सार

17 राज्यों में तंबाकू उत्पाद और उनसे होने वाले घातक कचरे पर किए गए इस अध्ययन से पता चला है कि तंबाकू उत्पाद से सालाना 1,70,331 टन कचरा पैदा होता है। यह न केवल उन लोगों के लिए हानिकारक हैं जो उसका सेवन करते हैं बल्कि पर्यावरण पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
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Tobacco Waste - फोटो : सोशल मीडिया


17 राज्यों में तंबाकू उत्पाद और उनसे होने वाले घातक कचरे पर किए गए इस अध्ययन से पता चला है कि तंबाकू उत्पाद से सालाना 1,70,331 टन कचरा पैदा होता है। यह न केवल उन लोगों के लिए हानिकारक हैं जो उसका सेवन करते हैं बल्कि पर्यावरण पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। तंबाकू के सभी प्रकार जैसे सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और चबाने वाले तंबाकू-गुटखे बड़े पैमाने पर प्लास्टिक और प्लास्टिकयुक्त कागज का कचरा पैदा करते हैं। प्लास्टिक में कैडमियम और पारा जैसे रसायनों का मिश्रण होता है जो अंतत: कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनता है।


मनुष्य के शरीर में जाते हैं प्रति वर्ष 82 हजार प्लास्टिक कण

मनुष्यों के शरीर में प्रति वर्ष 82 हजार प्लास्टिक कण प्रवेश करते हैं जो विविध प्रकार के रोगों को जन्म देते हैं। चूंकि यह कचरा आमतौर पर खुले अनियंत्रित डंप साइटों, नालों और नदियों में फैंक दिया जाता है, इसलिए यह और भी खतरनाक हो जाता है। द एनवायरनमेंटल बर्डन ऑफ टोबैको प्रोडक्ट्स वेस्टेज इन इंडिया 2023 के अनुसार अध्ययनकर्ताओं ने अध्ययन के लिए तंबाकू उत्पादों के 200 से अधिक ब्रांडों को देखा। इनमें सिगरेट के 70, बीड़ी के 94 और धुंआ रहित तंबाकू के 58 ब्रांड थे।

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