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चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खिलाफ केंद्र का नया प्लान, गूगल-फेसबुक को दी ये जिम्मेदारी

Thu, 23 Nov 2017 11:06 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के बढ़ते चलन के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार की आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट के महारथी और गूगल, फेसबूक, यूट्यूब जैसी सोशल मीडिया कंपनिययों को ऑर्डर देने जा रही है। 
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सरकार ने कंपनियों को और ज्यादा सर्तक होने की हिदायत दी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कंपनियों ने कई बड़े कदम उठाए, जिसमें रिपोर्टिंग सिस्टम भी शामिल है। रिर्पोटिंग सिस्टम के मुताबिक आरोपियों पर उस वक्त कार्रवाई होती है, जब कोई उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाता है।

लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं है, इसलिए वह और बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए रिसर्च शुरू कर दी गई है। सरकार का मानना है कि शिकायत की बजाय ऐसे कंटेंट को अपलोड होने से ही रोक दिया जाए। 
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इससे पहले आईटी के ऑफिसियल्स, ग्रह मंत्रालय और सोशल मीडिया कंपनिज के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी, जहां  ऐसे keywords को लिस्ट में शामिल करने पर विचार किया गया जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े होते हैं। दरअसल, पोर्नोग्राफी से संबंधित keywords की पहचान किए जाने के बाद कही भी ऐसा कंटेंट डाला जाता है तो उस पर आईटी एक्सपर्ट्स कैंची चला सकते हैं।

पढ़ें: ऑनलाइन पोर्न पर SC का केंद्र को निर्देश- शिकायत के लिए बनाए जाए पोर्टल

साथ ही सरकार ने हैश बैंक बनाया है, जो आपत्तिजनक तस्वीरों और कंटेंट को एनक्रिप्ट करता है। अगर ऐसी ही तस्वीर दूसरी वेबसाइट पर अपलोड की जाती है, तो एक्सपर्ट्स को इसकी भनक लग जाती है और वे उस तस्वीर को ब्लॉक कर देते हैं।   

सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक, गूगल, याहू और व्हाट्सएप आदि सोशल नेटवर्किंग साइट्स को यह बताने के लिए कहा है गत वर्ष जनवरी से अब तक उन्हें चाइल्ड पोर्नोग्राफी, रेप और गैंगरेप संबंधित कितने आपत्तिजनक कंटेंट को अपलोड करने की शिकायत मिली है। साथ ही पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा है कि उसने शिकायतों के आधार पर कितने मामले में कार्रवाई की है।

बता दें कि सरकार ऐसे पोर्टल और हॉटलाइन भी लाने वाली है, जहां लोग आकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अक्सर शिकायतकर्ता पुलिस को मामले की खबर देता है, तो उसे लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन इसके बाद इस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
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