यूपी विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए भाजपा अपने तरकश में शामिल हर तीर का इस्तेमाल करेगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक के जरिए प्रदेश का सियासी माहौल गर्म करने के बाद पार्टी की रणनीति वोट के अंक गणित को साधने पर टिक गई है। इस कवायद में ब्राहण मतों को लोकसभा की तरह साथ रखना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। बसपा ने अत्याधिक संख्या में ब्राह्ण उम्मीदवारों को मैदान में उतार कर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अब ब्राहण मतों को साधने के लिए भगवा रणनीतिकार दीन दयाल की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। पऊार्टी की रणनीति दीन दयाल के जरिए ब्राहण मतों को साधने की है। इस प्रयास में दीन दयाल की जन्मशदी को बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। यूपी में भाजपा दीन दयाल पर विशेष अभियान चलाएगी। उनके नाम को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचेंगे।
सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं से दीन दयाल को लेकर चलने वाले अभियान के लिए विशेष सुझाव मांगे थे। अभियान को सफल बनाने के लिए मौके पर ही प्रदेश नेताओं ने कुछ अहम सुझाव भाजपा अध्यक्ष को दिए।
मगर सूत्र बताते हैं कि उस वक्त शाह ने अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप नहीं दिया। जून 24 के बाद प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर वे दीन दयाल को लेकर चलने वाले अभियान को अंतिम रूप देंगे। वैसे दीन दयाल को यूपी में भूनाने का इरादा वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आम बजट पेश करते हुए ही दर्शा दिया था।
उपाध्याय की जन्मशदी समारोह के लिए जेटली ने 100 करोड़ रूपए का बजट में प्रावधान किया है। लेकिन भाजपा की रणनीति आने वाले समय में दीन दयाल के नाम को लेकर गांव-गांव जाने की है। बताया जा रहा है कि दीन दयाल को लेकर पार्टी की ओर से चलने वाला अभियान अगस्त से सितंबर माह के बीच होगा।
भाजपा के विचार पुरूष के रूप में पहचाने वाले दीन दयाल का जन्म 25 सिंतबर 1916 को यूपी के मथुरा में हुआ था। इस वर्ष उनके जन्म के 100 वर्ष पूरे हुए हैं। सरकार ने उनकी जन्मशदी के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का ऐलान पहले ही कर दिया है।
अब यूपी चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा भी नए सिरे से अभियान चलाने की पूरी तैयारी में जुटी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अमित शाह ने राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक के दौरान यूपी भाजपा नेताओं के संग अलग से बैठक कर अभियान पर चर्चा की थी।
Published By Rahul Sankrityayan