केन्द्र सरकार, दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार की पावर ड्रिल के बाद भी किसान संगठनों के नेता और किसान दिल्ली से सटे गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने पंचायत बुलाई है और राकेश टिकैत के आह्वान पर पश्चिमी जिलों के तमाम गांवों के किसानों के गाजीपुर बॉर्डर पर आने की सूचना है। भाकियू (असली, अराजनैतिक) के प्रमुख चौधरी हरपाल सिंह किसान नेताओं, किसानों के साथ लाल किला पर लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटना, केन्द्र और राज्य सरकार की दमनकारी, किसान विरोधी नीति को लेकर एक दिन के उपवास पर बैठने की तैयारी कर रहे हैं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उन्होंने कई नेताओं से संपर्क किया है। उनके साथ कई सांसद संसद भवन में गांधी जी के सामने विरोध स्वरुप बैठने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्र का कहना है कि इस धरने में एक दर्जन से अधिक दलों के नेता शामिल हो सकते हैं। आज संसद भवन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वे पेश करेंगी। एक फरवरी को बजट 2021-22 पेश किया जाना है। 28 जनवरी को कांग्रेस पार्टी की अगुआई में 18 दलों के विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस के अलावा एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, शिवसेना, सपा, राजद, डीएमके, भाकपा, माकपा, आरएसपी, आईयूएमएल, पीडीपी, एडीएमके, एआईयूडीएफ और केरल कांग्रेस शांमिल है। आप और शिरोमणि अकाली दल ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने की घोषणा की है।
किसानों का झंडा आखिरी समय में राष्ट्रीय लोकदल के चौधरी अजीत सिंह ने उठा लिया। उन्होंने गुरुवार रात को भाकियू नेता नरेश टिकैत और राकेश टिकैत को फोन किया। उनसे बात की और राकेश को सांत्वना देते हुए किसानों के हित में आंदोलन को जारी रखने का बल दिया। चौधरी अजीत सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ बड़ा मोर्चा बोला। ट्वीट करके किसानों के साथ खड़े होने का भरोसा दिया। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने भी यही किया। वह एक कदम और आगे बढ़ गए। राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज वॉकर बुश जैसी लाइन लेते हुए कहा कि उस तरफ या इस तरफ में से एक पक्ष चुनना होगा। राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा कि वह लोकतंत्र और किसानों के साथ हैं।
दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने 29 जनवरी की पौ फटने तक गाजीपुर बॉर्डर को घेर रखा है। अक्षरधाम से गाजीपुर जाने वाले रास्ते को फ्लाईओवर से पहले आनंद विहार की तरफ डाईवर्ट किया गया है। आनंद विहार से गाजीपुर जाने वाले रास्ते को बंद रखा गया है और पुलिस का पहरा है। एनएच-24 पर लालकुआं, नोएडा सेक्टर-62 से आने वाले रास्ते को भी बंद रखा गया है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 जनवरी को देर रात तक रिहर्सल का दौर जारी रहा। गाजियाबाद, नोएडा प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ मिल रहे निर्देश का पालन करने में जुटा है।