कुपोषण शरीर ही नहीं, देश के विकास में भी बड़ी बाधा है। इसे दूर करने के लिए समय-समय पर सरकारों ने गरीबों को पोषक तत्व युक्त भोजन मुहैया कराने की कई पहल की हैं। इसी दिशा में मौजूदा सरकार ने राशन दुकानों, मिड-डे मील समेत 2024 तक आने वाली विभिन्न योजनाओं के तहत देश में कुपोषण रोकथाम के लिए फोर्टिफाइड चावल बांटने का कदम उठाया है।
60 पैसे प्रति किलो खर्च
मंत्रालय का अनुमान है कि आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 युक्त एफआरके तैयार करने का खर्च 60 पैसे प्रति किलो आएगा, जिसे केंद्र व राज्य दोनों वहन करेंगे।
एक किलो फोर्टिफाइड चावल में इतना पोषण
एक किलो फोर्टिफाइड चावल में आयरन (28-42.5 मिलीग्राम), फोलिक एसिड (75-125 माइक्रोग्राम), विटामिन बी-12 (0.75-1.25 माइक्रोग्राम) होता है। जिंक (10-15 मिलीग्राम), विटामिन ए (500-750 माइक्रोग्राम आरई), विटामिन बी-1 (1-1.5 मिलीग्राम), विटामिन बी-2 (1.25-1.75 मिलीग्राम), विटामिन बी-3 (12.5-20 मिलीग्राम) और विटामिन बी -6 (1.5-2.5 मिलीग्राम) मिलाकर भी उसे फोर्टिफाइड किया जा सकता है।
15 राज्यों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
2019-20 में ‘चावल का फोर्टिफिकेशन और वितरण’ की केंद्र पोषित योजना तीन साल के लिए शुरू की गई थी। यह 15 राज्यों के 15 जिलों में चला। महाराष्ट्र और गुजरात समेत छह राज्यों ने इस प्रोजेक्ट के तहत एफआरके का वितरण शुरू कर दिया है। जून 2021 तक 2.03 लाख टन फोर्टिफाइड चावल वितरित किया जा चुका है।