देशभर में अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर अस्पतालों की रैंकिंग की योजना शुरू करने जा रहा है। इसके तहत नीति आयोग जिला अस्पतालों की परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी रैंकिंग तय करेगा।
इस वक्त देशभर में कुल 734 जिला अस्पताल है जो लोगों को सेकेंडरी हेल्थकेयर सुविधा प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त 300 अन्य अस्पताल भी हैं, जो इस योजना का हिस्सा होंगे। बताया जा रहा है कि अस्पतालों की रैंकिंग का फैसला केंद्र सरकार के निर्देश पर लिया गया है। बता दें कि अब तक स्वास्थ्य सुविधा को मापने का इस तरह की कोई भी पैमाना नहीं मौजूद नहीं था।
रैंकिंग शुरू होने के बाद अस्पतालों की सुविधा में सुधार होने की उम्मीद है। इस एक्सरसाइज से अस्पतालों के बारे में एक तथ्यात्मक आधार मिलेगा और यह पता चलेगा कि किस अस्पताल को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।
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मानक जिनपर अस्पतालों की रैंकिंग तय कि जाएगी, उनमें ओपीडी प्रति डॉक्टर, लेबोरेटरी टेस्ट की संख्या, जरूरी दवाओं का स्टॉक, बेड अधिग्रहण दर, सी-सेक्शन रेट, ब्लड बैंक रिप्लेशमेंट शामिल है। इसके अलावा जिला अस्पताल की रैंकिंग में एक लाख लोगों पर बेड की संख्या, डॉक्टरों की संख्या, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ आदि फैक्टर पर भी अस्पतालों की स्थिति मापी जाएगी। इसके साथ-साथ इसमें रोगियों को फिडबैक भी शामिल किया जाएगा।