विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र कार्ययोजना एवं अंतरराष्ट्रीय अवैध छोटे हथियार संधि को मजबूती से लागू करने पर केंद्रित प्रस्ताव पारित किया गया।
भारत ने आतंक पर लगाम के लिए हथियारों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की कार्ययोजना को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की है। हथियारों के अवैध व्यापार को आतंक से जुड़ी वैश्विक चुनौती बताते हुए इसके खतरे से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहमियत पर बल देते संयुक्त राष्ट्र की संधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
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छोटे व हल्के हथियारों के अवैध व्यापार की रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र कार्ययोजना पर आठवीं द्विवार्षिक बैठक में भारत ने संबंधित संधियों के क्रियान्वयन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मुद्दे को उठाया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र कार्ययोजना एवं अंतरराष्ट्रीय अवैध छोटे हथियार संधि को मजबूती से लागू करने पर केंद्रित प्रस्ताव पारित किया गया।
आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताया
भारत ने कहा, हम सशस्त्र संघर्ष और आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को विशेष अहमियत देते हैं। आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां हर साल हजारों अवैध हथियार जब्त करती हैं, जिन्हें सीमा पार से तस्करी कर लाया जाता है।