आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट का मामला गहराता जा रहा है। इसी बीच घी सप्लाई करने वाली कंपनी एआर डेयरी ने कहा कि उनके उत्पाद के नमूनों को अधिकारियों ने इसकी गुणवत्ता प्रमाणित करते हुए विधिवत मंजूरी दे दी है।
आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर में लड्डूओं के निर्माण में मिलावट समेत तमाम आरोप को लेकर घी सप्लाई करने वाली कंपनी एआर डेयरी ने शुक्रवार को कहा कि उनके उत्पाद के नमूनों को अधिकारियों ने इसकी गुणवत्ता प्रमाणित करते हुए विधिवत मंजूरी दे दी है। डिंडीगुल में मौजूद फर्म के प्रवक्ता ने बताया कि केवल जून और जुलाई के महीनों के दौरान उन्होंने तिरुमाला भगवान वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर को घी की आपूर्ति की थी। यहां तक कि जब तिरुपति मंदिर को घी की आपूर्ति की गई थी, तब भी इसे विधिवत मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला रिपोर्ट के साथ भेजा गया था।
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'अब हम मंदिर में घी सप्लाई नहीं करते'
बता दें कि एआर डेयरी उन कई विक्रेताओं में से एक थी, जिन्होंने टीटीडी को घी की आपूर्ति की थी और गुणवत्ता प्रमाणन उनके साथ साझा किए गए थे। मामले में एक प्रवक्ता ने बताया कि, हमारा घी अब तिरुपति मंदिर को नहीं भेजा जा रहा है। हम नहीं भेजते हैं, उन्होंने कहा, उनके उत्पाद सभी जगहों पर उपलब्ध हैं और इनकी गुणवत्ता की जांच की जा सकती है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने लगाए थे आरोप
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के इस दावे के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है कि मंदिर में बनाए गए और वितरित किए गए लड्डुओं में घटिया गुणवत्ता वाला घी और पशु वसा की कथित मौजूदगी है। उन्होंने आगे कहा कि अब शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है और मंदिर में सभी चीजों को सैनेटाइज कर दिया गया है।
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टीटीडी ने मामले में कार्रवाई की कही बात
इधर इस मामले पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की प्रतिक्रिया सामने आई है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने शुक्रवार को कहा कि घी आपूर्ति करने वालों ने मंदिर प्रशासन के पास अंतरिक जांच सुविधा की कमी का फायदा उठाया है। उनके खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।